मधुसूदनपुर थाने में सजी ‘शांति की चौपाल’! हुड़दंगियों को SHO का अल्टीमेटम— “सोशल मीडिया पर नजर, डीजे बजाया तो खैर नहीं”

भागलपुर | 03 मार्च, 2026

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • अपील: मधुसूदनपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक, सौहार्द बनाए रखने पर जोर।
  • सख्ती: थानाध्यक्ष सफदर अली ने दी चेतावनी— अफवाह फैलाई तो सलाखों के पीछे होंगे।
  • गाइडलाइन: बिना अनुमति जुलूस और शोर-शराबे वाले डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • सहयोग: जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने प्रशासन को दिया सुरक्षा का भरोसा।

भागलपुर: त्योहारों के मौसम में अक्सर उत्साह के साथ-साथ हुड़दंग की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना परिसर में मंगलवार को ‘शांति की चौपाल’ सजी। आगामी पर्वों (होली और रमजान) को देखते हुए आयोजित इस शांति समिति की बैठक में पुलिस और जनता के बीच ‘जीरो टॉलरेंस’ का फॉर्मूला तय हुआ। थानाध्यक्ष सफदर अली ने दो-टूक शब्दों में कह दिया है कि त्योहार भाईचारे के लिए है, न कि कानून हाथ में लेने के लिए।

सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल’ पहरा, अफवाहबाजों की खैर नहीं

​थानाध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से विशेष रूप से संवाद किया।

  • फेक न्यूज पर लगाम: थानाध्यक्ष ने अपील की कि सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) पर आने वाली किसी भी भ्रामक सूचना को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं।
  • कड़ी निगरानी: पुलिस की IT सेल सक्रिय है। भड़काऊ पोस्ट डालने या अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीजे और जुलूस: नियम तोड़ा तो होगा एक्शन

​प्रशासन ने पर्व के दौरान डीजे और जुलूसों को लेकर सख्त प्रोटोकॉल जारी किया है:

  1. परमिट अनिवार्य: बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।
  2. ध्वनि प्रदूषण: निर्धारित समय सीमा के बाद या तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर यंत्रों को जब्त कर लिया जाएगा।
  3. असामाजिक तत्व: पुलिस ने ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है जो शांति भंग कर सकते हैं। उन पर विशेष नजर रखी जा रही है।

जनता का वादा: “हम बनेंगे प्रशासन की आंख और कान”

​बैठक में उपस्थित विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों ने एक स्वर में शांति का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की सूचना वे तुरंत पुलिस को देंगे। थानाध्यक्ष ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे पुलिस के ‘आंख और कान’ बनकर काम करें ताकि त्योहार का रंग फीका न पड़े।

VOB का नजरिया: सुरक्षित समाज, सुखद त्योहार

​मधुसूदनपुर थाने की यह पहल सराहनीय है। अक्सर यह देखा गया है कि संवाद की कमी ही बड़े विवादों का कारण बनती है। जब पुलिस और जनता एक मेज पर बैठकर चर्चा करते हैं, तो उपद्रवियों के हौसले अपने आप पस्त हो जाते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि त्योहार की मर्यादा बनाए रखें और पुलिस का सहयोग करें।

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