भोजपुर जिले के आरा-बक्सर मुख्य मार्ग पर एक संवेदनशील मामला सामने आया है। आरा रसोई के समीप सड़क किनारे झाड़ियों में एक लावारिस नवजात शिशु मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो पास जाकर देखा कि एक मासूम असहाय अवस्था में पड़ा हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना गजराजगंज थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही गजराजगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। सब-इंस्पेक्टर सोनी कुमारी ने बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और तुरंत इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
अस्पताल में डॉक्टरों ने नवजात का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चा करीब दो माह का प्रतीत हो रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बच्चा जन्म से दृष्टिबाधित है। फिलहाल अस्पताल की मेडिकल टीम उसकी सेहत पर लगातार निगरानी रख रही है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि किसी ने जिम्मेदारी से बचने के लिए मासूम को झाड़ियों में छोड़ दिया।
इधर, गजराजगंज थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में किस परिवार का दो माह का बच्चा लापता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


