भागलपुर। साइबर अपराधियों ने अब एटीएम से ठगी का नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया है। अपराधी एटीएम मशीन में अवैध डिवाइस फिट कर देते हैं, जिससे ग्राहकों के पैसे मशीन से बाहर नहीं निकलते। ग्राहक इसे लेनदेन असफल समझकर एटीएम से बाहर निकल जाते हैं। इसके बाद ठग एटीएम में प्रवेश कर उस डिवाइस को हटाते हैं और फंसे हुए पैसे निकालकर फरार हो जाते हैं।
ऐसी ही दो घटनाएं सामने आने के बाद तिलकामांझी स्थित शाखा के प्रबंधक ने 07 जनवरी को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। दोनों मामलों में ठगी की पूरी वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई है।
सीसीटीवी में कैद पूरी ठगी
बैंक प्रबंधन के अनुसार, 14 दिसंबर की शाम एक व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने पहुंचा। प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पैसे बाहर नहीं आए, जिससे उसने लेनदेन असफल मानकर एटीएम छोड़ दिया। इसके तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति एटीएम में घुसा और मशीन में लगे अवैध डिवाइस को निकालकर शाम 5:30 बजे 10 हजार रुपये निकालकर फरार हो गया।
इसके कुछ देर बाद एक और ग्राहक पैसे निकालने पहुंचा। उसके साथ भी वही हुआ—पैसे नहीं निकले और वह लौट गया। तभी वही ठग दूसरी बार एटीएम में दाखिल हुआ और पहले से लगाए गए डिवाइस को हटाकर शाम 6:27 बजे 20 हजार रुपये और निकाल लिए।
बैंक मैनेजर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि ठग ने शाम 5:18 बजे एटीएम मशीन में वह डिवाइस लगाया था। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एटीएम परिसर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह पहले भी अन्य जगहों पर इस तरह की ठगी को अंजाम दे चुका हो सकता है।
इस तरह की ठगी से कैसे बचें
एटीएम से पैसे निकालते समय यदि प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नकदी बाहर नहीं आए, तो इसके दो ही संभावित कारण हो सकते हैं—
पहला, एटीएम में नकदी समाप्त होना, जिसकी जानकारी आमतौर पर स्क्रीन पर दिख जाती है।
दूसरा, मशीन में पैसे फंस जाना।
ऐसी स्थिति में तुरंत मोबाइल ऐप या मिनी स्टेटमेंट से बैलेंस चेक करें। अगर खाते से राशि कट चुकी है, तो तुरंत एटीएम गार्ड या संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें और शिकायत दर्ज कराएं। बिना सूचना दिए एटीएम छोड़कर जाना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।


