पटना / पॉलिटिकल डेस्क। बिहार की राजनीति में 20 नवंबर 2025 ऐतिहासिक दिन साबित हुआ, जब नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह कई मायनों में चर्चाओं में रहा, लेकिन राजनीतिक हलकों में सबसे अधिक ध्यान जिस नाम पर रहा वह हैं — कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह।
माना जा रहा है कि उन्हें बहुत जल्द नई कैबिनेट में मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। महज 34 वर्ष की उम्र में मंत्रिपद तक पहुंचना न केवल उनके राजनीतिक कद को मजबूती देता है, बल्कि बिहार की राजनीति में युवाओं के नेतृत्व की नई पारी की शुरुआत का संकेत भी है।
खेल से लेकर सत्ता के गलियारों तक — श्रेयसी की अद्भुत यात्रा
श्रेयसी सिंह उन दुर्लभ चेहरों में शामिल हैं जिन्होंने स्पोर्ट्स और राजनीति दोनों में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है।
✔ 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स — सिल्वर मेडल
✔ 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स — गोल्ड मेडल
निशानेबाजी में भारत को गौरवान्वित करने के बाद उन्होंने अपने पिता दिग्विजय सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री) की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए 2020 में भाजपा से राजनीतिक सफर शुरू किया।
पहली बार चुनाव लड़ीं और जमुई सीट जीत ली, और 2025 के विधानसभा चुनाव में और भी बड़े अंतर से जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित कर दी।
आर्थिक रूप से सशक्त और पारदर्शी छवि
शपथपत्र के अनुसार श्रेयसी सिंह की कुल संपत्ति 4.39 करोड़ रुपये से अधिक है।
| श्रेणी | संपत्ति |
|---|---|
| चल संपत्ति | ₹1,04,51,700 |
| अचल संपत्ति | ₹3,35,00,000 |
अचल संपत्ति में — ▪ दिल्ली में दो फ्लैट
▪ गिद्धौर में पैतृक आवास
▪ दिल्ली के महरौली में 1 बीघा जमीन
▪ गिद्धौर में लगभग 34 एकड़ भूमि
शामिल है।
उनकी आर्थिक पारदर्शिता, खेल पृष्ठभूमि और ईमानदार छवि उन्हें युवा मतदाताओं में एक भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित करती है।
सबसे युवा मंत्री बनने की तैयारी
नीतीश सरकार की नई कैबिनेट में श्रेयसी सिंह का शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। वे सबसे युवा मंत्री के रूप में शपथ ले सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि — ➡ युवा नेतृत्व
➡ महिला सशक्तिकरण
➡ खेल और सांस्कृतिक विकास
को बढ़ावा देने की दृष्टि से यह नियुक्ति बेहद रणनीतिक मानी जा रही है।
किस विभाग की मिल सकती है जिम्मेदारी?
सूत्रों के अनुसार श्रेयसी सिंह को इन विभागों में से किसी एक की जिम्मेदारी मिल सकती है —
🔹 खेल एवं युवा विभाग
🔹 पर्यटन
🔹 संस्कृति
🔹 महिला एवं बाल विकास
विशेषज्ञों का मानना है कि खेल अनुभव + युवा संपर्क + प्रबंधन कौशल उन्हें इन विभागों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
मजबूत राजनीतिक विरासत + शहरी और ग्रामीण दोनों में जनस्वीकार्यता
श्रेयसी सिंह राजनीतिक परिवार से आती हैं —
▪ पिता — दिग्विजय सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
▪ माता — पुतुल कुमारी (पूर्व सांसद)
राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व ने युवाओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच उन्हें बराबर सम्मान दिलाया है।
युवाओं की राजनीति को नई दिशा देने की तैयारी
श्रेसी सिंह की मंत्री पद पर एंट्री — ✨ बिहार में नए नेतृत्व का संकेत
✨ युवा और खिलाड़ियों के लिए संभावनाओं का विस्तार
✨ महिलाओं के लिए प्रेरणा
✨ भाजपा–नीतीश गठबंधन की रणनीतिक मजबूती
के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है —
श्रेयसी का मंत्रिमंडल में शामिल होना युवाओं और खेल जगत को जोड़ने के साथ-साथ गठबंधन को चुनावी दृष्टि से भी मजबूत बनाएगा।


