ईशीपुर थाना क्षेत्र की घटना, सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची मौके पर; ग्रामीणों की मदद से कुएं से निकाली गई बाइक
भागलपुर: भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत ईशीपुर थाना क्षेत्र के साठों गांव में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब गांव के एक पुराने कुएं में मोटरसाइकिल गिरी हुई पाई गई। खेत में पटवन कर रहे ग्रामीणों की नजर जब कुएं के अंदर पड़ी तो उन्होंने पानी के बीच एक बाइक देखी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना ईशीपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
खेत पटवन के दौरान दिखी बाइक
ग्रामीणों के अनुसार गांव के बगीचा इलाके में स्थित एक पुराने कुएं से कुछ लोग खेतों की सिंचाई के लिए पानी निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी नजर कुएं के अंदर पड़ी, जहां एक मोटरसाइकिल गिरी हुई दिखाई दी।
पहले तो लोगों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो स्पष्ट हो गया कि कुएं के अंदर सचमुच एक बाइक मौजूद है। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया।
पुलिस और डायल 112 टीम पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही ईशीपुर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही डायल 112 की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से कुएं में गिरी मोटरसाइकिल को बाहर निकलवाया।
बाइक को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और उसके संबंध में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
चोरी की आशंका जता रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। उनका मानना है कि संभवतः किसी चोरी की घटना के बाद चोरों ने बाइक को छिपाने के लिए या सबूत मिटाने के उद्देश्य से कुएं में फेंक दिया होगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आसपास के अन्य पुराने कुओं की भी जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी अन्य चोरी का सामान छिपाया गया हो तो उसका भी पता चल सके।
पुलिस कर रही मामले की जांच
ईशीपुर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि कुएं से बरामद मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बाइक किसकी है और वह यहां कैसे पहुंची, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वाहन के नंबर और अन्य विवरण के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।


