HIGHLIGHTS: बुधौल से ‘विकसित नवादा’ की हुंकार
- बड़ी सौगात: नवादा जिले के लिए ₹299 करोड़ की कुल 58 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास।
- जीविका की ताकत: 13,241 स्वयं सहायता समूहों को ₹226 करोड़ की वित्तीय सहायता; CM ने दीदियों के उत्पादों की सराहना की।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: ककोलत का विकास, गंगा जल आपूर्ति और अब नए आरओबी (ROB) व ग्रिड सब-स्टेशन से चमकेगा जिला।
- मिशन 2030: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार का लक्ष्य; ‘सात निश्चय-3’ पर काम शुरू।
नवादा विकास का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में
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श्रेणी |
विवरण |
लागत (अनुमानित) |
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कुल योजनाएं |
58 (37 उद्घाटन + 21 शिलान्यास) |
₹299 करोड़ |
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जीविका ऋण |
13,241 स्वयं सहायता समूहों को वितरण |
₹226 करोड़ |
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शिक्षा व स्वास्थ्य |
16 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और सदर अस्पताल का अपग्रेडेशन |
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कनेक्टिविटी |
NH-31 बाईपास पर ROB और सकरी नदी पर पुल निर्माण |
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उद्योग |
रजौली में औद्योगिक क्षेत्र का विकास और सुधा बिक्री केंद्र |
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नवादा | 19 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ कल नवादा पहुंची, जहाँ जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने वाले प्रोजेक्ट्स की झड़ी लग गई। बुधौल स्थित नवनिर्मित गृह रक्षा वाहिनी परिसर और आईटीआई मैदान में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत अब फोकस ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) पर है।
नौकरी का ‘महा-संकल्प’ और सात निश्चय-3
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
- 1 करोड़ नौकरियां: सीएम ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। इसके लिए ‘युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग’ का गठन किया गया है।
- सबका सम्मान: ‘सात निश्चय-3’ के तहत बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 कर दी गई है, जिससे राज्य के 1.14 करोड़ लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।
- औद्योगिक रफ्तार: नवादा के रजौली में इंडस्ट्रियल एरिया का विकास किया जा रहा है ताकि स्थानीय युवाओं को पलायन न करना पड़े।
नवादा के लिए ‘खास’ क्या है?
मुख्यमंत्री ने नवादा के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए कहा कि पहले यहाँ आने के रास्ते जर्जर थे, लेकिन अब 4-लेन सड़कों और गंगा जल आपूर्ति योजना (नवादा शहर के लिए) ने जीवन आसान बना दिया है। ककोलत जलप्रपात के विकास से अब यहाँ पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। आने वाले समय में जिले के सभी 16 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी।
VOB का नजरिया: ‘गंगा जल’ के बाद अब ‘रोजगार की धार’!
नवादा कभी पेयजल किल्लत और बदहाल सड़कों के लिए जाना जाता था, लेकिन कल की ‘समृद्धि यात्रा’ ने यह दिखाया कि जिला अब इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में आत्मनिर्भर हो रहा है। विशेष रूप से जीविका दीदियों को दिया गया ₹226 करोड़ का चेक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने वाला कदम है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘दोगुनी आय’ का सपना तभी पूरा होगा जब नवादा के रजौली में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र धरातल पर उतरेगा। मुख्यमंत्री का ‘1 करोड़ नौकरी’ का वादा युवाओं के बीच एक नई उम्मीद लेकर आया है, जिसे समय सीमा के भीतर पूरा करना सरकार के लिए असली चुनौती होगी।


