मधेपुरा, 17 नवंबर 2025:
मधेपुरा जिले के बेलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशनपुर कोड़लाही वार्ड-9 में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अचानक लगी भीषण आग में पांच परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। देखते ही देखते आग ने आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
रात 11 बजे उठी लपटों ने मचा दिया हड़कंप, नींद में सो रहे लोग बदहवास होकर बाहर निकले
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वार्ड-9 की रेणु देवी, बबीता देवी, किरण देवी और मुन्नी देवी अपने परिवारों के साथ रात करीब 9 बजे भोजन कर सो चुकी थीं। लेकिन रात 11 बजे अचानक उनके घरों से धुआं और लपटें उठती दिखाई दीं।
लोगों ने बताया कि जैसे ही आग की गर्मी और चटकने की आवाजें सुनाई दीं, नींद खुलते ही सामने भयावह नजारा था—लपटें तेजी से एक घर से दूसरे घर में फैल रही थीं।
घबराए लोग बाहर भागे, चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने बाल्टी, ड्रम और हैंडपंप से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी।
दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन आग तब तक सबकुछ खत्म कर चुकी थी
ग्रामीणों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। थोड़ी ही देर में दमकल की गाड़ियां गांव पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पांच परिवारों के घर, कच्ची- पक्की झोपड़ियां और कीमती सामान जलकर राख हो चुके थे।
सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला, सबकुछ जलकर खाक
अग्निकांड की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी भी परिवार को घर से एक कपड़ा तक निकालने का मौका नहीं मिला।
जलकर राख हुआ सामान—
- नगद राशि
- मोबाइल फोन
- बकरियां
- अनाज
- कपड़े
- चौकी व फर्नीचर
- मोटर व अन्य घरेलू सामान
- घरों में रखा सारा राशन
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि परिवारों का वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। अब इन परिवारों के सामने रहने और खाने दोनों की समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ित परिवारों ने की मदद की मांग, कहा—“अब सबकुछ खत्म हो गया”
घटना के बाद प्रभावित महिलाओं और ग्रामीणों ने कुमारखंड अंचलाधिकारी को आवेदन दिया है। उन्होंने तत्काल राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि आग ने उनकी जमा-पूंजी से लेकर सिर छुपाने की जगह तक सबकुछ छीन लिया है। फिलहाल वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
आग लगने के कारणों की जांच जारी, प्रशासन कर रहा नुकसान का आकलन
घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और नुकसान का प्राथमिक आकलन किया।
अग्निकांड का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है—
- स्थानीय लोग शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बता रहे हैं,
- लेकिन अधिकारी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने और पीड़ित परिवारों को पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल गांव में दहशत और मायूसी का माहौल है। पांच परिवारों का आशियाना राख में बदल गया है और लोग प्रशासन की तत्काल मदद का इंतजार कर रहे हैं।


