बिहार के नालंदा जिले में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर में स्पेयर कोच की सेंटिंग (लाइन पर सेट करने) के दौरान एक कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए। घटना के बाद कुछ समय के लिए स्टेशन परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
सुबह 9:30 बजे की घटना
सूत्रों के अनुसार यह घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ और न ही किसी नियमित यात्री ट्रेन के परिचालन पर असर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई।
स्टेशन परिसर किया गया सुरक्षित
हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया और तकनीकी जांच शुरू की गई। रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
स्टेशन प्रबंधक ने दी जानकारी
राजगीर स्टेशन प्रबंधक चंद्र भूषण सिन्हा ने बताया कि यह घटना स्पेयर कोच को लाइन पर सेट करने के दौरान तकनीकी कारणों से हुई।
“स्पेयर कोच को लाइन पर सेट किया जा रहा था, तभी तकनीकी वजह से कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए। इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। न तो किसी तरह की जनहानि हुई है और न ही रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है।”
— चंद्र भूषण सिन्हा, स्टेशन प्रबंधक, राजगीर
तकनीकी जांच जारी
रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर कोच को पुनः पटरी पर लाने का कार्य शुरू किया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों के संचालन पर इस घटना का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
कारणों पर उठ रहे सवाल
रेलवे में समय-समय पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन कई बार इनके कारण सार्वजनिक नहीं हो पाते। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि स्पेयर कोच के पटरी से उतरने की वास्तविक तकनीकी वजह क्या थी और जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आता है।


