खबर के मुख्य बिंदु:
- नया पैंतरा: बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने बिछाया जाल।
- खतरनाक लिंक: व्हाट्सएप पर भेजी गई ‘APK फाइल’ बनी गले की फांस।
- बड़ा नुकसान: मुंदीचक की नूतन सिन्हा के खाते से दो बार में कटे कुल 57,600 रुपये।
- पुलिस एक्शन: तिलकामांझी थाना क्षेत्र का मामला; पुलिस कर रही है नंबरों की जांच।
भागलपुर: साइबर अपराधियों ने अब लोगों के घरों में लगे बिजली मीटर को ठगी का नया हथियार बना लिया है। भागलपुर के तिलकामांझी थाना अंतर्गत मुंदीचक इलाके में एक महिला के साथ ऑनलाइन ठगी की ऐसी ही वारदात सामने आई है। केवल एक फाइल पर क्लिक करते ही महिला का बैंक खाता लगभग साफ़ हो गया। पुलिस अब उस ‘डिजिटल लुटेरे’ की तलाश में जुट गई है जिसने ‘अपडेट’ के नाम पर ‘चूना’ लगाया है।
एक ‘Click’ और 57,600 रुपये साफ!
मुंदीचक की रहने वाली नूतन सिन्हा को ठगों ने अपने झांसे में लेने के लिए बिजली मीटर अपडेट करने का बहाना बनाया।
- व्हाट्सएप का जाल: ठग ने नूतन सिन्हा के व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल या ओपन करने को कहा।
- हाई-वोल्टेज झटका: जैसे ही नूतन ने उस फाइल पर क्लिक किया, उनके मोबाइल का एक्सेस शायद ठगों के पास चला गया। देखते ही देखते उनके बैंक खाते से 28,800 रुपये के दो ट्रांजेक्शन हुए और कुल 57,600 रुपये गायब हो गए।
- धोखे का अहसास: मैसेज आने के बाद जब तक पीड़िता कुछ समझ पाती, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- पीड़िता: नूतन सिन्हा, निवासी- मुंदीचक (तिलकामांझी), भागलपुर।
- ठगी का माध्यम: व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके (APK) फाइल।
- ठगी का बहाना: बिजली मीटर अपडेट करना।
- कुल नुकसान: 57,600 रुपये (दो किश्तों में)।
- पुलिस स्टेशन: तिलकामांझी/साइबर थाना।
- वर्तमान स्थिति: पुलिस मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच कर रही है।
VOB का नजरिया: ‘APK’ मतलब ‘आफत की पुड़िया’!
व्हाट्सएप पर किसी अनजान नंबर से आई APK फाइल को डाउनलोड करना अपने घर की चाबी चोर को सौंपने जैसा है। बिजली विभाग कभी भी व्हाट्सएप पर फाइल भेजकर मीटर अपडेट नहीं करता। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज आए जिसमें “मीटर बंद होने” या “अपडेट” करने की बात हो, तो सीधे बिजली कार्यालय जाएं या आधिकारिक ऐप का उपयोग करें। याद रखें, एक गलत क्लिक आपकी मेहनत की कमाई को ‘शॉर्ट सर्किट’ कर सकता है।


