भागलपुर में नशे के बड़े सिंडिकेट पर ‘प्रहार’: ₹26 लाख की ब्राउन शुगर के साथ ‘गोलू’ गिरफ्तार; पुलिस को देख शुरू कर दी थी दौड़

शिवनारायणपुर/भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: भागलपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिवनारायणपुर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और नकदी के साथ एक शातिर अंतर-जिला तस्कर को दबोचा है, जो पहले भी कई बार जेल जा चुका है।

बाजार चौक पर ‘ऑन-स्पॉट’ एक्शन

​शुक्रवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि शिवनारायणपुर बाजार चौक के पास मादक पदार्थों की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री होने वाली है।

  • घेराबंदी: सूचना मिलते ही SSP भागलपुर के निर्देशन और SDPO कहलगांव-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
  • पकड़ा-पकड़ी का खेल: जैसे ही पुलिस टीम बाजार चौक पहुँची, वहां संदिग्ध अवस्था में घूम रहे कुछ युवक पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और एक मुख्य तस्कर को धर दबोचा।

कौन है पकड़ा गया तस्कर ‘गोलू’?

​गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हिमांशु कुमार उर्फ गोलू कुमार (पिता: फूलचंद जायसवाल) के रूप में हुई है। वह बुद्धूचक थाना क्षेत्र के किशनपुर का रहने वाला है।

  • पुराना अपराधी: गोलू का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह ‘नशे का पुराना खिलाड़ी’ है। उसके खिलाफ पहले से ही दो गंभीर मामले दर्ज हैं:
    1. बुद्धूचक थाना (कांड सं.-69/22): एनडीपीएस एक्ट के तहत।
    2. कहलगांव थाना (कांड सं.-762/23): एनडीपीएस एक्ट के तहत।

जब्ती की सूची: लाखों का माल बरामद

​तलाशी के दौरान गोलू के पास से जो सामान मिला, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया:

  • ब्राउन शुगर: 700 ग्राम (बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹26.70 लाख है)।
  • नकदी: ₹26,700 (बिक्री के पैसे होने का संदेह)।
  • मोबाइल: 2 स्मार्टफोन (जिससे तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है)।

सफलता दिलाने वाली टीम

​इस ऑपरेशन को सफल बनाने में शिवनारायणपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार के साथ पीएसआई जयनाथ राय, सुबोध कुमार सिंह और शिवकुमार मंडल की अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलू यह माल कहाँ से लाया था और जिले में उसके अन्य ‘रिटेलर’ कौन-कौन हैं।

VOB का नजरिया: क्या ‘गोलू’ केवल एक मोहरा है?

700 ग्राम ब्राउन शुगर की बरामदगी यह साबित करती है कि भागलपुर के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में नशे का कारोबार किस कदर फैल चुका है। गोलू जैसे अपराधियों का बार-बार जेल जाना और फिर से इसी धंधे में लग जाना पुलिस की मॉनिटरिंग और कानूनों की सख्ती पर भी सवाल उठाता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की अपील है कि ऐसे नेटवर्क की जड़ (मेन सप्लायर) तक पहुँचना अब अनिवार्य है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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