कटिहार। कटिहार-बारसोई रेलखंड के डंडखोरा रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के समीप बुधवार दोपहर कविगुरु एक्सप्रेस का अंतिम कोच अचानक बेपटरी हो गया, जिससे अफरातफरी मच गई। हालांकि, समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाए जाने से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
घटना दोपहर करीब 12:35 बजे उस समय हुई जब ट्रेन के अंतिम कोच के नीचे लगे लोहे के एक लटकते हिस्से ने पटरी के स्लीपर से टकराना शुरू कर दिया, जिससे तेज आवाज हुई और यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के गार्ड और चालक की सतर्कता से तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया गया।
करीब 203 स्लीपर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए और इस वजह से तीन घंटे तक इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बेपटरी हुए कोच को अलग कर ट्रेन को आगे रवाना कर दिया।
रेल अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही डीआरएम सुरेंद्र कुमार सहित रेलवे के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यह कोच ओवरहालिंग के लिए बुक किया गया था, और उसी के लटकते हिस्से के कारण स्लीपरों को नुकसान पहुंचा।
रेल प्रशासन ने अभियंत्रण विभाग के एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही घटना की जांच के लिए तकनीकी टीम का गठन किया गया है, जो जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट देगी।
यात्री बाल-बाल बचे, प्रशासन सतर्क
ट्रेन में सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली कि समय रहते ट्रेन रुक गई। डंडखोरा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर कोच अलग करने की कार्रवाई की गई। हादसे के चलते कुछ समय के लिए अन्य ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित रही, लेकिन ट्रैक की मरम्मत के बाद पुनः सेवा बहाल कर दी गई।
नोट: रेल हादसों की बढ़ती घटनाएं यात्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर ओवरहालिंग और कोच निरीक्षण की प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


