रेलवे कर्मियों की सेहत का ‘जंक्शन’: मालदा मंडल अस्पताल ने राजमहल स्टेशन पर लगाया स्वास्थ्य शिविर; 50 से अधिक लोगों की हुई जांच

मालदा/राजमहल | 28 फरवरी, 2026: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने अपने कर्मचारियों की सेहत और तंदुरुस्ती को प्राथमिकता देते हुए आज एक सराहनीय पहल की। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) श्रीमती अनुपा घोष की देखरेख में, राजमहल रेलवे स्टेशन पर एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रेलवे के ‘फ्रंटलाइन’ कर्मियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

त्वरित जांच और तत्काल समाधान: क्या-क्या हुआ शिविर में?

​मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कैंप में 50 से अधिक रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों का परीक्षण किया गया। शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि जांच के नतीजे मौके पर ही उपलब्ध करा दिए गए, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान शुरू हो सके।

​जांच के दायरे में निम्नलिखित पैरामीटर्स शामिल रहे:

  • शारीरिक माप: ऊंचाई और वजन की जांच।
  • वाइटल साइंस: नाड़ी (Pulse) और रक्तचाप (Blood Pressure) का सटीक मूल्यांकन।
  • बॉडी मास इंडेक्स (BMI): मोटापे और कुपोषण से जुड़े खतरों की पहचान।
  • रक्त परीक्षण: बीमारियों की गहराई से पड़ताल के लिए ब्लड सैंपल्स की जांच।

उद्देश्य: ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ पर बढ़ा फोकस

​रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य पूर्वनिरोधी स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) है। अक्सर काम के दबाव में कर्मचारी अपनी छोटी-मोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं।

​यह शिविर बीमारियों की शीघ्र पहचान करने और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप (Medical Intervention) सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे की एक सतत मुहिम का हिस्सा है। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि एक स्वस्थ और उत्पादक कार्यबल (Productive Workforce) भी तैयार होता है।

VOB का नजरिया: सुरक्षित पटरी के लिए ‘स्वस्थ चालक’ जरूरी

​रेलवे जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर में, जहाँ लाखों लोगों की सुरक्षा कर्मचारियों की सतर्कता पर निर्भर करती है, वहां कर्मियों का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना अनिवार्य है। राजमहल स्टेशन पर लगा यह शिविर केवल एक मेडिकल कैंप नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति रेलवे की संवेदनशीलता का प्रतीक है। जब प्रशासन अपने कर्मचारियों के परिवार की भी फिक्र करता है, तो कार्यक्षमता में खुद-ब-खुद इजाफा होता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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