जमुई। जिले में अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने खैरा प्रखंड की हड़खार पंचायत के मुखिया मुन्ना साव के तीन ठिकानों समेत कुल तीन स्थानों पर जबरदस्त छापेमारी कर भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियारों के साथ-साथ आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
मुखिया के घर से निकला हथियारों का जखीरा
गरही थाना की पुलिस ने मंगलवार देर रात हड़खार पंचायत के मुखिया मुन्ना साव के रोपावेल स्थित आवास और उससे जुड़े दो अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां से तमंचे, पिस्टल, देशी कट्टा, हथियार निर्माण में प्रयुक्त उन्नत ड्रिल मशीन, लोहे के पाइप, गन पार्ट्स समेत कई संदिग्ध उपकरण बरामद किए गए। यह कोई छोटा-मोटा ऑपरेशन नहीं था—बल्कि संगठित गिरोह द्वारा हथियार निर्माण की बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश था।
पांच गिरफ्तार, कोलकाता और मुंगेर कनेक्शन भी उजागर
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुखिया के भतीजा सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें दो आरोपी मुंगेर के रहने वाले हैं, जबकि दो की गिरफ्तारी कोलकाता से हुई है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि चारों गिरफ्तार आरोपी हथियार बनाने के प्रशिक्षित कारीगर हैं, जो पेशेवर तरीके से अत्याधुनिक देशी हथियार तैयार कर रहे थे।
गुड्डू सिन्हा और गरही बाजार में भी छापेमारी
मुखिया से जुड़े नेटवर्क की कड़ी को आगे खंगालते हुए पुलिस ने जमुई शहर के कल्याणपुर निवासी गुड्डू सिन्हा के घर और गरही बाजार स्थित एक किराए के मकान पर भी दबिश दी। इन दोनों स्थानों से भी भारी मात्रा में हथियार, गन पार्ट्स और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
जमुई पुलिस की बड़ी कामयाबी, कई और गिरफ्तारियां संभव
इस छापेमारी को जमुई पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह राज्यभर में हथियार सप्लाई करने की तैयारी में था। हथियारों की गुणवत्ता और बरामद उपकरणों को देखकर साफ है कि यह काम सिर्फ स्थानीय उपयोग के लिए नहीं बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी के लिए हो रहा था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आगे की छापेमारी और गिरफ्तारियां जल्द हो सकती हैं।
इस खबर से साफ हो गया है कि बिहार में मुखिया पद पर बैठे कुछ जनप्रतिनिधि अब सिर्फ विकास कार्यों के केंद्र नहीं, बल्कि अपराध के अड्डे भी बनते जा रहे हैं।


