ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में बीएसपीएचसीएल एवं अनुषंगी कंपनियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के दिए सख्त निर्देश

पटना: आगामी गर्मी के मौसम में राज्यभर में निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में 24 जनवरी 2026 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीएसपीएचसीएल सहित उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के कार्य, संचालन व्यवस्था, योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्ध निष्पादन, विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता तथा उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड एवं बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (भा.प्र.से.) सहित सभी वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ऊर्जा सचिव ने राज्य के सभी ग्रिड उपकेंद्रों एवं पावर सब-स्टेशनों के रख-रखाव को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यालय द्वारा जारी चेकलिस्ट के आधार पर नियमित मॉनिटरिंग, उपकरणों की समय-समय पर जांच तथा कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सभी कर्मचारियों द्वारा सेफ्टी गियर के अनिवार्य उपयोग को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गर्मी के मौसम में विद्युत मांग में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि 31 मार्च 2026 तक सभी डीटीआर, फीडर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं का मेंटेनेंस एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा के बिना उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली आपूर्ति मिल सके।

विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर ऊर्जा सचिव ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक बिजली बिल पर संबंधित क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए, जिससे उपभोक्ता बिजली से जुड़ी समस्याओं की स्थिति में सीधे संपर्क कर सकें।

इसके साथ ही, मुख्यालय स्तर पर एक एकीकृत ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। इस पोर्टल पर सभी विद्युत अंचलों द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज की जाएंगी और उनके निष्पादन की स्थिति नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। शिकायत दर्ज होते ही उपभोक्ता को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे वे रियल टाइम अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

बैठक में बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व संग्रहण में वृद्धि को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव ने सभी प्रमंडलों को स्मार्ट मीटर से प्राप्त आंकड़ों का गहन विश्लेषण कर ठोस रणनीति बनाने और बिजली चोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों डिस्कॉम कंपनियों को तकनीकी हानि को कम करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त, तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा सचिव ने विद्युत क्षेत्र में कुशल मानवबल के निर्माण पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जा सके।

बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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