भागलपुर में ‘परशुराम’ वंशजों का महाजुटान! शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच मना होली मिलन; विधायक रोहित पांडे बोले—एकजुटता ही ब्राह्मण समाज की शक्ति

खबर के मुख्य बिंदु:

  • भव्य आयोजन: अखिल भारतीय परशुराम सेवा संघ द्वारा ‘मेड इन हेवन गार्डन’ में होली मिलन समारोह।
  • शुरुआत: 5 विद्वान पंडितों के स्वस्ति वाचन और मंत्रोच्चार के साथ हुआ शंखनाद।
  • मुख्य अतिथि: नगर विधायक रोहित पांडे समेत समाज के कई दिग्गजों ने किया दीप प्रज्वलन।
  • संदेश: भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलकर समाज को एकजुट करने का लिया संकल्प।

भागलपुर: रेशम नगरी भागलपुर के मनाली चौक स्थित ‘मेड इन हेवन गार्डन’ शनिवार को केसरिया और अबीर के रंगों से सराबोर हो गया। अवसर था अखिल भारतीय परशुराम सेवा संघ द्वारा आयोजित ‘समस्त ब्राह्मण समाज होली मिलन समारोह’ का। भगवान परशुराम के वंशजों ने न केवल रंगों के साथ खुशियां बांटी, बल्कि समाज की मजबूती और एकता का शंखनाद भी किया। मंत्रोच्चार की गूँज और अपनों के मेल-मिलाप ने इस कार्यक्रम को भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम बना दिया।

वैदिक रीति से शुरुआत और पुष्पार्पण

​कार्यक्रम का आगाज बेहद आध्यात्मिक रहा।

  • दीप प्रज्वलन: भागलपुर के नगर विधायक रोहित पांडे, राजीव कांत मिश्रा, संगीता तिवारी और अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
  • स्वस्ति वाचन: 5 विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ वातावरण को पवित्र किया, जिसके बाद समाज के लोगों ने एक-एक कर भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लिया।

“आदर्शों पर चलना ही सच्ची पूजा”: विधायक रोहित पांडे

​इस मौके पर वक्ताओं ने समाज की एकजुटता पर विशेष जोर दिया।

​”होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह आपसी कड़वाहट मिटाकर गले मिलने का दिन है। पिछले दो वर्षों से यह आयोजन समस्त ब्राह्मण समाज को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है। हमें भगवान परशुराम के दिखाए न्याय और शौर्य के मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करनी चाहिए।” — मुख्य अतिथि वक्ता

 

आयोजन में शामिल रहे प्रमुख चेहरे

​समारोह में भागलपुर और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से:

शेखर पांडे, बमबम चौधरी, नभई चौधरी, रवि दुबे, चंद्रशेखर त्रिवेदी, आनंद शुक्ला, नीरज तिवारी, मोनी दुबे, संजू तिवारी, बब्बन मिश्रा, अमृत्य पांडे, शंकर मिश्रा, धनंजय पांडे, सन्नी पांडे, गोपाल झा, सुबोध पांडे, योगेश पांडे, कांति पाठक, रूबी मिश्रा, सिम्मी झा, सुधा पांडे, अंशु मिश्रा, टीना और ‘साइक्लोन’ परशुराम बंसल सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।

VOB का नजरिया: सांस्कृतिक पहचान को सहेजने की कोशिश

​भागलपुर में इस तरह के आयोजनों का बढ़ता चलन यह दिखाता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ना चाहती है। होली मिलन के बहाने समाज के प्रबुद्ध वर्ग का एक मंच पर आना राजनीति और सामाजिक सरोकार के लिहाज से भी अहम है। जब समाज के नेता और युवा एक साथ बैठते हैं, तो विकास और सुरक्षा के नए रास्ते खुलते हैं। परशुराम सेवा संघ का यह प्रयास सराहनीय है।

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