पटना: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी पटना का प्रसिद्ध महावीर मंदिर भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय सरावगी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में गूंजा ‘जय श्री राम’
राम जन्मोत्सव के अवसर पर महावीर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंजता रहा। उपमुख्यमंत्री के पहुंचते ही माहौल और उत्साहपूर्ण हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
विधि-विधान से हुआ ‘धर्म ध्वज’ का पूजन
रामनवमी शोभायात्रा की शुरुआत से पहले सम्राट चौधरी ने पारंपरिक ‘धर्म ध्वज’ का पूजन किया। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने ध्वज को विधिवत स्थापित किया और आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नेताओं की सक्रिय भागीदारी
इस दौरान सांसद रामकृपाल यादव और विधायक संजय सरावगी भी आयोजन में पूरी तरह सक्रिय नजर आए। दोनों नेताओं ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर राम संकीर्तन में हिस्सा लिया और शोभायात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं और भक्तों में खासा उत्साह देखा गया।
सम्राट चौधरी का संदेश
मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म का प्रतीक है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समाज में न्याय और समरसता स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भव्य शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
रामनवमी के अवसर पर निकली शोभायात्रा इस बार भी बेहद भव्य रही। विभिन्न झांकियां, धार्मिक झंडे और भक्ति संगीत के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखा। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती इस शोभायात्रा ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
निष्कर्ष:
पटना के महावीर मंदिर में आयोजित रामनवमी का यह आयोजन न सिर्फ आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करता नजर आया।


