
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में अच्छी बारिश की कामना को लेकर लोक आस्था का अनोखा दृश्य देखने को मिला। प्रतापपुर विकासखंड के खूंशी गांव में ग्रामीणों ने सूखे से राहत की प्रार्थना करते हुए मेंढक और मेंढकी का पारंपरिक विवाह कराया। यह आयोजन पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें बैंड-बाजा, बारात, वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरे भी शामिल रहे।
शादी की तरह हुई पूरी तैयारी
ग्रामीणों ने इस आयोजन को किसी प्रतीकात्मक रस्म तक सीमित नहीं रखा। बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाए गए, बैंड-बाजे के साथ बारात निकाली गई और लोकगीतों के बीच मेंढक-मेंढकी का विवाह संपन्न कराया गया। विवाह के बाद पूजा-अर्चना की गई और पूरे गांव के लिए सामूहिक भंडारे का आयोजन भी किया गया।
इंद्रदेव को प्रसन्न करने की मान्यता
ग्रामीणों का मानना है कि जब क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनते हैं, तब मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से वर्षा के देवता इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है। यह परंपरा वर्षों से इलाके में निभाई जाती रही है।
राज्य में अब तक 17% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 8 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 239.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य रूप से इस अवधि में 286.7 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। यानी इस बार मानसून सीजन में अब तक राज्य में करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग का राहत भरा पूर्वानुमान
इधर मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लोक आस्था और मौसम के बदलते मिजाज के साथ जल्द ही अच्छी बारिश होगी और खेत-खलिहान फिर से हरे-भरे नजर आएंगे।


