मोतिहारी में ‘अग्निकांड’! नेशनल हाईवे पर धूं-धूं कर जला AC लदा कंटेनर; पुलिस ने जान पर खेलकर बचाई करोड़ों की खेप

मोतिहारी | 09 मार्च, 2026 : बिहार के मोतिहारी में आज अहले सुबह नेशनल हाईवे (NH) पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंद कंटेनर ट्रक अचानक ‘चलता-फिरता आग का गोला’ बन गया। कोटवा के समीप हुई इस घटना में ट्रक के भीतर लदे दर्जनों एयर कंडीशनर (AC) धूं-धूं कर जलने लगे। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।

सुबह का सन्नाटा और आग की लपटें: कैसे हुआ हादसा?

​घटना सोमवार तड़के की बताई जा रही है। एक बंद कंटेनर ट्रक नेशनल हाईवे से गुजर रहा था, तभी अचानक कोटवा के पास ट्रक के पिछले हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं।

  • भीषण मंजर: देखते ही देखते आग ने पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक के भीतर रखे नए एयर कंडीशनर (AC) आग की भेंट चढ़ने लगे।
  • 112 की सक्रियता: हाईवे पर गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दस्ता (Fire Brigade) मौके पर पहुँच गया।

पुलिस का ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’: आग के बीच से निकाले AC

​इस घटना में पुलिस टीम का एक सराहनीय चेहरा सामने आया है। आग बुझाने के साथ-साथ पुलिस के जवानों ने कड़ी मशक्कत की ताकि कंटेनर में लदे सामान को बचाया जा सके।

  • बहादुरी: पुलिस टीम ने जलते हुए कंटेनर के भीतर से कई एयर कंडीशनर को सुरक्षित बाहर निकाला।
  • कड़ी मेहनत: घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों और पुलिस के साझा सहयोग से आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। अगर समय पर कार्रवाई न होती, तो पूरा ट्रक खाक हो सकता था।

कारण: सामानों का आपसी ‘घर्षण’ बना आग की वजह?

​शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का कारण काफी चौंकाने वाला है।

    • घर्षण (Friction): प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि बंद कंटेनर के भीतर रखे एसी यूनिट्स के बीच सफर के दौरान घर्षण (Friction) हुआ, जिससे निकली चिंगारी ने आग का रूप ले लिया।
    • तकनीकी जांच: हालांकि, पुलिस और विभाग आग के सही कारणों का पता लगाने के लिए शॉर्ट-सर्किट के एंगल से भी जांच कर रहे हैं।

VOB का नजरिया: हाईवे पर सुरक्षा के प्रति बढ़ती सतर्कता

मोतिहारी की इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएं बिहार में गेम-चेंजर साबित हो रही हैं। समय पर मिली सूचना और पुलिस की जांबाजी ने न केवल एक बड़ी संपत्ति को जलने से बचाया, बल्कि हाईवे पर यातायात को भी बाधित होने से रोका। ट्रांसपोर्टरों को भी चाहिए कि बंद कंटेनर में सामान लोड करते समय ‘पैकिंग’ और ‘घर्षण’ जैसे तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखें।

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