द वॉयस ऑफ बिहार | छपरा (सारण)
बिहार पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’, जिसे जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए बनाया गया है, उसी के कर्मियों ने विभाग की छवि पर कालिख पोतने का काम किया है। छपरा के नगर थाना क्षेत्र में एक प्रेमी जोड़े को पकड़कर उन्हें छोड़ने के बदले अवैध वसूली करने के मामले में सारण पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बड़ी कार्रवाई की है। वायरल वीडियो की जांच के बाद एक महिला सिपाही और एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गंडक कॉलोनी के सूनेपन में चल रहा था वसूली का खेल
स्थानीय लोगों और जांच में मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र की गंडक कॉलोनी की है।
- साजिश: गंडक कॉलोनी के सरकारी आवासों के आसपास का इलाका अक्सर सुनसान रहता है, जहाँ प्रेमी युगल आकर बैठते हैं। इसी का फायदा उठाकर डायल 112 की टीम ने एक कपल को पकड़ लिया।
- सौदेबाजी: वायरल वीडियो में महिला सिपाही इंदु कुमारी स्पष्ट रूप से रुपयों के लेन-देन को लेकर बातचीत करती और सौदेबाजी करती हुई दिखाई दे रही हैं।
- पुरानी घटना: पूछताछ में महिला सिपाही ने स्वीकार किया कि यह वीडियो लगभग दो माह पुराना है। उस दिन गश्ती गाड़ी पर एएसआई जगदीश शर्मा और चालक उमेश सिंह भी तैनात थे।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
सारण पुलिस ने वीडियो की सामग्री को अत्यंत गंभीर और अनुशासनहीनता की श्रेणी में मानते हुए दो कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है:
- इंदु कुमारी (महिला सिपाही संख्या 722, नगर थाना)
- जगदीश शर्मा (सहायक अवर निरीक्षक – ASI)
- निलंबन की शर्तें: दोनों को निलंबन अवधि के दौरान केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ता ही दिया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी मोबाइल पर पहुँचा ‘सबूत’ और पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
मामले का खुलासा तब हुआ जब 17 फरवरी की रात 9:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर किसी ने यह वीडियो भेजा। जैसे ही वरीय अधिकारियों ने वीडियो का अवलोकन किया, भ्रष्टाचार की परतें खुलती चली गईं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सारण पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही थी और लोग तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे थे।
सारण पुलिस की सख्त चेतावनी: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से पूरे विभाग को कड़ा संदेश दिया है। सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
”जनता के विश्वास को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई होगी। विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार का आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: वर्दी का खौफ या भ्रष्टाचार?
बिहार में शराबबंदी के बाद से अक्सर पुलिस पर ‘अवैध कमाई’ के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब प्रेमी जोड़ों को निशाना बनाकर वसूली करना नैतिकता का गिरता हुआ स्तर दर्शाता है। ‘डायल 112’ जैसे आधुनिक तंत्र में तैनात कर्मियों का यह व्यवहार यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या तकनीक से भी ज्यादा जरूरी पुलिसकर्मियों की नैतिक ट्रेनिंग है? छपरा पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।


