मोकामा (बिहार), 11 जुलाई 2025 – बिहार के पटना जिले के मोकामा प्रखंड स्थित शिवनार गांव में शुक्रवार को बिजली का करंट लगने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान टुनटुन सिंह के रूप में हुई है। हादसा उस वक्त हुआ जब वह अपने घोड़े के साथ खेत की ओर जा रहे थे।
केला बगान की विद्युत तारबंदी बनी मौत की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टुनटुन सिंह खेत की ओर जा रहे थे तभी रास्ते में मौजूद एक केला बगान की चारों ओर की गई विद्युत प्रवाहित तारबंदी की चपेट में आ गए। करंट लगने से मौके पर ही किसान और उनका घोड़ा दोनों की मौत हो गई। यह घटना पूरे गांव में शोक और आक्रोश का कारण बन गई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ किया NH-31 जाम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग जमा हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे-31 (NH-31) को जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटों तक आवागमन को बाधित रखा। जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मौके पर पुलिस कैंप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
सूचना मिलने पर मोकामा पुलिस मौके पर पहुंची और कैंप कर रही है। पुलिस ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लोग मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा:
“अगर खेतों और बागानों में इस तरह अवैध तरीके से बिजली प्रवाहित की जाती रही, तो किसी की भी जान कभी भी जा सकती है। प्रशासन को सख्ती से रोक लगानी चाहिए।”
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या केला बगान में बिजली प्रवाहित तारबंदी की अनुमति थी, और अगर नहीं थी, तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?


