पहले चरण में 213 प्रखंडों में कॉलेज, जुलाई 2026 से शैक्षणिक सत्र शुरू होगा
पटना, 04 फरवरी।मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा, ताकि विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। यह निर्णय ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के चौथे संकल्प “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” के तहत लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में उन 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अब तक कोई भी संबद्ध या घटक महाविद्यालय नहीं है। इन कॉलेजों में जुलाई 2026 से शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा—
“राज्य के जिन 213 प्रखंडों में अभी तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां पहले चरण में कॉलेज खोले जाएंगे और जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू होगी।”
पुराने शिक्षण संस्थान बनेंगे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के 55 पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन संस्थानों के उन्नयन के लिए सुनियोजित और चरणबद्ध कदम उठाए जाएंगे। वरिष्ठ शिक्षकों और विद्यार्थियों से सुझाव लेकर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी और इन संस्थानों की प्रतिष्ठा भी पुनः स्थापित होगी।
शिक्षा को मिला सबसे अधिक बजट
वित्त मंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा पेश बिहार बजट 2026-27 में शिक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है।
कुल आवंटन: ₹68,216.95 करोड़
- शिक्षा विभाग: ₹60,204.61 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग: ₹8,012.34 करोड़
यह अब तक का सबसे बड़ा शैक्षणिक बजट है।
सात निश्चय-3 के तहत और भी बड़े कदम
- सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे
- राज्य में एजुकेशन सिटी विकसित की जाएगी
पृष्ठभूमि
दिसंबर 2025 में मंत्रिपरिषद ने सात निश्चय-3 कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, जो 2025 से 2030 तक लागू रहेगा।
साथ ही तीन नए विभाग बनाए गए—
- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास
- उच्च शिक्षा
- नागरिक उड्डयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। हर प्रखंड में कॉलेज और उत्कृष्ट संस्थानों का विकास बिहार के भविष्य को नई दिशा देगा।”


