मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में नीतीश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सहित सरकार के सभी प्रमुख विभागों के मंत्री उपस्थित रहे। इस बैठक में सरकार ने राज्य के विकास से जुड़े महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
2025–2030 के लिए विकास की नई रूपरेखा
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने आगामी पांच वर्षों के लिए बिहार के समग्र विकास की दिशा तय की। नई सरकार के गठन के बाद लगातार लिए जा रहे फैसलों की कड़ी में यह बैठक अहम मानी जा रही थी, जिसमें सबसे बड़ा निर्णय ‘सात निश्चय-3’ को स्वीकृति देना रहा। इसके तहत बिहार को विकास के नए पथ पर ले जाने की योजना बनाई गई है।
‘न्याय के साथ विकास’ पर आधारित साझा कार्यक्रम
सरकार के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव और सरकार के गठन के बाद “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा पर आधारित साझा कार्यक्रम के संकल्प को दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2025 से 2030 के बीच बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इसी उद्देश्य से सात निश्चय-3 का गठन किया गया है।
रोजगार, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सात निश्चय-3 की घोषणा करते हुए सरकार की कार्ययोजना को राज्य की जनता के सामने रखा था। इस योजना के तहत बिहार में दोगुना रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि, उद्योगों का विकास, कृषि सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि सात निश्चय-3 के माध्यम से बिहार को तेज विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाएगा और राज्य के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जाएगा।


