भागलपुर/नवगछिया | 28 फरवरी, 2026: एक छोटी सी लापरवाही और तेज रफ्तार का कहर किस तरह एक हंसते-खेलते परिवार के चिराग को बुझा सकता है, इसकी एक हृदयविदारक घटना भागलपुर के जाह्नवी चौक पर सामने आई है। विक्रमशिला सेतु के पास अपना गिरा हुआ मोबाइल उठाने के लिए झुके 18 वर्षीय युवक को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे का घटनाक्रम: चंद सेकंड में उजड़ गया संसार
घटना शुक्रवार की सुबह जाह्नवी चौक स्थित एक लाइन होटल के पास की है।
- सफर: शाहकुंड निवासी करण कुमार अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर सवार होकर नवगछिया जीरो माइल की ओर जा रहा था।
- निर्णय: जाह्नवी चौक के पास करण ने बाइक अपने दोस्त को दे दी और खुद ऑटो से आगे जाने के लिए उतरा।
- चूक: इसी दौरान करण का मोबाइल फोन हाथ से फिसलकर सड़क पर गिर गया।
- टक्कर: जैसे ही करण फोन उठाने के लिए सड़क की ओर झुका, भागलपुर की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे रौंद दिया। ट्रक की गति इतनी तेज थी कि करण को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
कौन था करण? परिवार का सहारा था ‘दूसरे नंबर का बेटा’
मृतक की पहचान 18 वर्षीय करण कुमार के रूप में हुई है।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: करण के पिता गुड्डू सिंह पेशे से हलवाई हैं। करण तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
- जिम्मेदार बेटा: परिजनों के मुताबिक, करण न केवल पढ़ाई कर रहा था, बल्कि अपने पिता के काम में हाथ बंटाकर घर की आर्थिक स्थिति को संभालने में भी मदद करता था। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जाह्नवी चौक: क्यों बनता जा रहा है ‘डेथ जोन’?
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जाह्नवी चौक और विक्रमशिला सेतु के बीच वाहनों की रफ्तार पर कोई लगाम नहीं है।
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- ट्रैफिक कंट्रोल की कमी: लोगों ने आरोप लगाया कि यहाँ नियमित गश्ती और गति सीमा (Speed Limit) के पालन की कोई व्यवस्था नहीं है।
- प्रशासन से मांग: स्थानीय नागरिकों ने इस महत्वपूर्ण मोड़ पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पुलिस चेक-पोस्ट की मांग की है।
“हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है। परिजनों की लिखित शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।” > — सुजीत वारसी, यातायात थानाध्यक्ष
VOB का नजरिया: रफ्तार के जुनून में कितनी और जानें?
विक्रमशिला सेतु और उसके पहुँच पथ (Approach Road) पर अक्सर होने वाले हादसे यह बताते हैं कि जाह्नवी चौक जैसे जंक्शन पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों की भारी कमी है। मोबाइल फोन की कीमत एक कीमती जान से बढ़कर नहीं हो सकती, लेकिन सड़क पर उतरते समय एक सेकंड की असावधानी और भारी वाहनों की ‘अंधी रफ्तार’ का मेल जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन को केवल FIR तक सीमित न रहकर यहाँ ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित कर स्थायी सुधार करने की जरूरत है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


