भागलपुर के खरीक में कलेजा कांपने वाली वारदात! ‘जूते’ के मामूली विवाद में 15 दिन के मासूम की तकिये से दबाकर हत्या; आरोपी का मोबाइल कमरे में छूटा

HIGHLIGHTS: गणेशपुर गांव में इंसानियत शर्मसार

  • सनसनीखेज हत्या: महज 15 दिन के नवजात धर्म कुमार की तकिये से मुंह दबाकर जान ली गई।
  • विवाद की वजह: पड़ोस के घर की छत पर ‘जूता’ गिर जाने पर हुआ था झगड़ा।
  • अहम सुराग: भागने के दौरान आरोपी जयहिन्द पासवान का मोबाइल बच्चे के पास ही गिर गया।
  • खूनी संघर्ष: विरोध करने पर आरोपी के परिवार ने पीड़िता की बहन का ईंट से सिर फोड़ा।

भागलपुर (खरीक) | 18 मार्च, 2026

​भागलपुर जिले के खरीक थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। जिस उम्र में बच्चे को पालने में सुकून की नींद सोना चाहिए था, उस उम्र में उसे पड़ोस के ‘गुस्से’ की भेंट चढ़ा दिया गया। बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के रहने वाले पप्पू पासवान के 15 दिन के बेटे को मौत की नींद सुला दिया गया।

वारदात का बैकग्राउंड: 14 मार्च की वो रंजिश

​घटना की जड़ें 14 मार्च को हुए एक मामूली विवाद में छिपी हैं:

  • मामूली बात: काजल कुमारी (मृतक की मां) के मायके के एक बच्चे ने अनजाने में पड़ोस के जयहिन्द पासवान की छत पर जूता फेंक दिया था।
  • विवाद: इस बात को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। समाज ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन जयहिन्द के मन में ‘बदले’ की आग सुलग रही थी।

मंगलवार सुबह 8 बजे: जब मासूम अकेला था

​काजल कुमारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जब परिवार के सदस्य छत पर काम कर रहे थे, तब 15 दिन का धर्म कुमार नीचे कमरे में चौकी पर सो रहा था।

  1. मौका पाकर वार: आरोपी जयहिन्द पासवान चुपके से कमरे में घुसा और कथित तौर पर तकिये से मासूम का दम घोंट दिया।
  2. भागते हुए धराया: जब काजल नीचे उतरी, तो उसने जयहिन्द को कमरे से भागते देखा। हड़बड़ी में आरोपी अपना मोबाइल फोन वहीं छोड़ गया।
  3. चौतरफा हमला: जब पीड़ित परिवार ने जयहिन्द को पकड़ने की कोशिश की, तो उसकी पत्नी नीलम देवी और बेटी वर्षा ने हमला कर दिया। इस हमले में काजल की छोटी बहन साक्षी का सिर ईंट से मारकर फोड़ दिया गया।

VOB का नजरिया: क्या हम ‘हिंसक समाज’ की ओर बढ़ रहे हैं?

​एक जूता गिर जाने जैसी तुच्छ बात पर 15 दिन के बच्चे की हत्या कर देना यह दर्शाता है कि हमारे समाज में सहिष्णुता खत्म हो चुकी है। आरोपी का मोबाइल घटनास्थल पर मिलना उसके खिलाफ सबसे बड़ा वैज्ञानिक साक्ष्य है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि इस मामले में ‘स्पीडी ट्रायल’ चलाकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई मामूली विवाद में किसी मासूम की जान लेने की हिम्मत न करे।

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