मधेपुरा | 25 फरवरी, 2026: बिहार के मधेपुरा जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सोशल मीडिया पर फैली ‘अफवाह’ ने एक महिला की जान लगभग जोखिम में डाल दी। घैलाढ़ ओपी के लक्ष्मीनियां गांव में बुधवार को बच्चा चोरी के शक में ग्रामीणों का गुस्सा एक अज्ञात महिला पर फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए महिला की जमकर पिटाई कर दी। गनीमत रही कि पुलिस मौके पर पहुँच गई, वरना आज मधेपुरा में ‘मॉब लिंचिंग’ की खौफनाक वारदात हो सकती थी।
चॉकलेट का जाल या महज भ्रम?
घटना के पीछे की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
- संदिग्ध हुलिया: एक अज्ञात महिला गांव में ‘पागल’ का भेष बनाकर घूम रही थी।
- बच्चों को लालच: आरोप है कि उसने कुछ बच्चों को चॉकलेट का लालच देकर अपने पास बुलाने की कोशिश की।
- दहशत का माहौल: डरे हुए बच्चों ने जब यह बात घर पर बताई, तो पहले से ही ‘बच्चा चोरी’ की अफवाहों से लबरेज गांववाले आपा खो बैठे और महिला को घेर लिया।
पुलिस का ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’: भीड़ से छीनकर बचाई जान
जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि लक्ष्मीनियां गांव में भीड़ बेकाबू हो रही है, घैलाढ़ ओपी पुलिस तुरंत हरकत में आई।
- बचाव: पुलिस ने उग्र भीड़ के बीच से महिला को सुरक्षित निकाला और अपनी कस्टडी में लिया।
- तनाव: पुलिस के पहुँचने के बाद भी कुछ देर तक गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिसे सूझबूझ से शांत कराया गया।
- शिनाख्त: महिला फिलहाल डरी हुई है और अपना नाम बताने से इनकार कर रही है, हालांकि उसने खुद को सहरसा का निवासी बताया है। पुलिस अब उसकी मानसिक स्थिति की जांच करा रही है।
प्रशासन की ‘रेड अलर्ट’ अपील: अफवाह फैलाना अपराध है!
मधेपुरा पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने आम लोगों से तीन अहम अपील की हैं:
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों पर बिना जांच के भरोसा न करें।
- कानून न तोड़ें: किसी को शक के आधार पर पीटना या बंधक बनाना गंभीर कानूनी अपराध है।
- पुलिस को दें सूचना: अगर कोई संदिग्ध दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर फोन करें।
VOB का नजरिया: सोशल मीडिया के ‘खतरनाक’ वायरस से बचें
मधेपुरा की यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि कैसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर फैली एक छोटी सी झूठी खबर किसी बेगुनाह की जान ले सकती है। बिहार के कई जिलों में इन दिनों ‘बच्चा चोरी’ की अफवाहें आग की तरह फैल रही हैं। लक्ष्मीनियां गांव के लोग खुशकिस्मत हैं कि पुलिस समय पर पहुँच गई, वरना इस घटना के बाद कई ग्रामीण सलाखों के पीछे होते।
“भीड़ न्याय नहीं करती, भीड़ केवल तबाही लाती है।”
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


