
बिहार की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले मोकामा विधायक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उनका अंदाज लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। अब उनकी एक नई तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे अपने पसंदीदा घोड़े “लाडला” के साथ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और समर्थकों के बीच खासा आकर्षण पैदा कर रही है।
‘लाडला’ के साथ दिखी रॉयल झलक
वायरल तस्वीर में अनंत सिंह बेहद आत्मविश्वास भरे अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ मौजूद घोड़ा “लाडला” भी सजीला और ताकतवर नजर आ रहा है। उनके करीबी बताते हैं कि अनंत सिंह को बचपन से ही घोड़ों का खास शौक रहा है और वे आज भी इस शौक को पूरी शिद्दत से निभाते हैं।
वे अपने आवास पर कई घोड़े रखते हैं और उनकी देखभाल व्यक्तिगत निगरानी में कराते हैं। जानकारी के अनुसार, वे देश ही नहीं बल्कि विदेशों के बड़े पशु मेलों में भी जाकर घोड़ों की खरीदारी करते रहे हैं। “लाडला” उन्हीं खास घोड़ों में से एक माना जाता है, जिससे उनका खास लगाव है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे उनकी रॉयल लाइफस्टाइल का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ इसे उनकी दबंग छवि से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस तस्वीर को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
गांव में सजेगा कुश्ती का महादंगल
इसी बीच अनंत सिंह एक बड़े कुश्ती महादंगल के आयोजन को लेकर भी चर्चा में हैं। यह आयोजन उनके पैतृक गांव में होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस दंगल में कई राज्यों के नामी पहलवानों को आमंत्रित किया गया है।
स्थानीय स्तर पर मंच, अखाड़ा और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। खास बात यह है कि अनंत सिंह खुद इस पूरे आयोजन की निगरानी कर रहे हैं, जिससे साफ है कि वे इसे भव्य और यादगार बनाना चाहते हैं।
राजनीतिक संदेश भी तलाश रही जनता
विश्लेषकों का मानना है कि यह महादंगल सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। इसे शक्ति प्रदर्शन और जनसंपर्क के एक बड़े माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या?
जमानत के बाद अनंत सिंह जिस तरह लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं—कभी अपने शौक को लेकर, तो कभी सामाजिक और खेल आयोजनों को लेकर—उससे यह साफ है कि वे एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनका यह सक्रिय रूप बिहार की राजनीति में क्या असर डालता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


