बिहार के 70 हजार स्कूलों की होगी केस स्टडी, शिक्षा सुधार के लिए तैयार होगी व्यापक विकास योजना

पटना: बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के 70,000 से अधिक सरकारी स्कूलों के हेडमास्टर्स को अपने-अपने विद्यालयों और विद्यार्थियों की केस स्टडी तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इन केस स्टडी के आधार पर स्कूल लीडरशिप अकैडमी के माध्यम से प्रत्येक स्कूल और उसके विद्यार्थियों के विकास की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

छह प्रमुख बिंदुओं पर होगा स्कूलों का मूल्यांकन

इस पहल के तहत स्कूलों का अध्ययन छह मुख्य मानकों पर किया जाएगा। इनमें—

  1. शैक्षणिक नेतृत्व
  2. विद्यालय प्रबंधन
  3. विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति
  4. लैंगिक समावेशन
  5. शिक्षकों की दक्षता
  6. संसाधनों का प्रभावी उपयोग
    शामिल हैं।
    इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास को भी सुनिश्चित करना है।

SCERT ने जारी किए सभी जिलों को निर्देश

इस संबंध में SCERT (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की संयुक्त निदेशक सुषमा कुमारी ने सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेडमास्टर को अपने स्कूल की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और बच्चों की प्रगति का गहन विश्लेषण करते हुए केस स्टडी तैयार करनी होगी। इन अध्ययनों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस जिले या क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति कैसी है और किन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है।

मुजफ्फरपुर में 8 हजार केस स्टडी तैयार करने का लक्ष्य

मुजफ्फरपुर जिले में इस अभियान को विशेष रूप से व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। जिले के 3,200 स्कूलों से लगभग 8,000 केस स्टडी तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस कार्य की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों को सौंपी गई है।
हेडमास्टर्स से प्राप्त जानकारी को संकलित कर केस स्टडी ई-मेल के माध्यम से SCERT को भेजी जाएंगी, जिनमें स्कूल और विद्यार्थियों की तस्वीरें भी शामिल होंगी।

राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से चल रहा अभियान

यह अभियान नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इन संस्थानों की मदद से राज्य में स्कूल लीडरशिप अकैडमी स्थापित की गई है, जो स्कूलों की प्रगति की निगरानी करेगी और सुधार के लिए सुझाव देगी।

31 दिसंबर तक जमा करनी होंगी केस स्टडी

SCERT ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर की शाम तक केस स्टडी तैयार कर भेज दी जाए। इसके बाद इनका विश्लेषण कर यह तय किया जाएगा कि किन जिलों और स्कूलों में अब तक कितना सुधार हुआ है और आगे किन क्षेत्रों में विशेष योजनाओं की जरूरत है।

शिक्षा की गुणवत्ता और नेतृत्व दोनों पर फोकस

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से हेडमास्टर्स और शिक्षकों की नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में सुधार आएगा। लैंगिक समावेशन और बेहतर विद्यालय प्रबंधन पर फोकस होने से बच्चों को अनुकूल और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में नया युग

SCERT की संयुक्त निदेशक सुषमा कुमारी ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की शिक्षा नीति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी स्कूलों से ईमानदारी और गंभीरता के साथ इस कार्य को पूरा करने की अपील की।

उम्मीद की जा रही है कि इस अभियान से बिहार के सरकारी स्कूलों की छवि में सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में तेजी और स्कूल नेतृत्व की भूमिका अधिक प्रभावी होगी। केस स्टडी और डेटा आधारित यह मॉडल भविष्य में शिक्षा नीति और योजनाओं के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा।


 

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