बिहार सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले लावारिस कुत्तों से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसका आगाज नवादा जिले से किया गया है, जहां फीडिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, ताकि कुत्ते सड़कों पर भोजन की तलाश में भटकें नहीं।
टोल फ्री नंबर की सुविधा
नगर परिषद ने लावारिस कुत्तों से संबंधित शिकायतों और सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 18003451636 जारी किया है। इस नंबर पर सूचना मिलने के बाद डॉग वैन कुत्तों को डॉग सेंटर ले जाएगी, जहां उनका व्यवहार जाँचा जाएगा और आवश्यक टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के बाद कुत्तों को पहले स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा।
लावारिस कुत्तों की गिनती और पहचान
नवादा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सत्येंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि जिले में लावारिस कुत्तों की संख्या का पता लगाने के लिए एक एजेंसी जिम्मेदारी संभालेगी।
“इससे यह पता चलेगा कि शहर में कितने लावारिस कुत्ते हैं और कितनों को एंटी-रैबीज टीका लगाया जाना है। इसके बाद उनका टीकाकरण शुरू किया जाएगा।”
व्यवहार परीक्षण और अस्थायी सेंटर
नगर परिषद ने डॉग कैचिंग व्हीकल तैयार किया है और बुधौल बस स्टैंड के पास अस्थायी सेंटर बनाया जा रहा है। इस सेंटर में लावारिस कुत्तों को दो-तीन दिन रखा जाएगा और उनका व्यवहार परखा जाएगा।
“अगर कुत्तों का व्यवहार हमारे मानक के मुताबिक होगा तो उन्हें वापस उनके नियत स्थान पर छोड़ देंगे। साथ ही, उनके प्रजनन पर भी नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।” – सत्येंद्र प्रसाद वर्मा
फीडिंग सेंटर और सुरक्षा
जिले में छह जगहों को फीडिंग सेंटर के तौर पर चुना गया है, जहां लोग कुत्तों को भोजन करा सकते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कुत्तों की गतिविधियां मुख्य सड़कों और बाजारों में कम हों और वे किसी दुर्घटना से सुरक्षित रहें।


