‘अंकोरवाट से बोधगया’ तक जुड़ेगा आस्था का सेतु: कंबोडियाई पर्यटकों के लिए बिहार में बिछेंगी पलकें, पर्यटन विभाग की बड़ी योजना

पटना | 21 फरवरी, 2026: बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंबोडिया के पर्यटकों को बिहार के बौद्ध सर्किट की ओर आकर्षित करने के लिए शुक्रवार को भारतीय दूतावास (कंबोडिया), केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और बिहार पर्यटन विभाग के बीच एक उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में बिहार पर्यटन सचिव श्री निलेश रामचंद्र देवरे ने कंबोडियाई निवेशकों और हितधारकों के सामने ‘ब्रांड बिहार’ का प्रभावशाली रोडमैप पेश किया।

बिहार: मानवता को आलोकित करने वाला केंद्र

​सचिव श्री देवरे ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि बौद्ध धर्म की आत्मा है। उन्होंने कहा:

​”भगवान बुद्ध को यहाँ न केवल ज्ञान प्राप्त हुआ, बल्कि यहीं से उन्होंने विश्व को शांति और करुणा का मार्ग दिखाया। हम कंबोडिया के उन 1.80 करोड़ लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं, जिनकी रगों में बौद्ध संस्कृति रची-बसी है।”

 

पर्यटन सुविधाओं का कायाकल्प: स्तूपों से लेकर कॉरिडोर तक

​बैठक में विभाग ने राज्य में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों का ब्योरा साझा किया, जो विदेशी पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाएंगे:

  • बोधगया: यहाँ विश्वस्तरीय ‘कॉरिडोर’ निर्माण की योजना पर काम चल रहा है।
  • केसरिया: विश्व के सबसे बड़े स्तूप के पास सभी प्रमुख स्तूपों की प्रतिकृति (Replicas) बनाई जा रही है।
  • वैशाली: नवनिर्मित ‘सम्यक स्तूप’ आकर्षण का केंद्र होगा।
  • पटना: पाटलिपुत्र करुणा स्तूप और आधुनिक विपश्यना केंद्र तैयार है।
  • विक्रमशिला: भागलपुर में ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय का नए सिरे से जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
  • अन्य प्रमुख स्थल: रामपुरवा, लौरिया नंदनगढ़, अरेराज, राजगीर (वेणुवन) और जहानाबाद के वाणावर पहाड़ियों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया।

‘अंकोरवाट से बोधगया’ पहल: 10 से 30 दिनों का विशेष टूर प्लान

​बिहार सरकार ने कंबोडियाई पर्यटकों के लिए 10 से 30 दिनों की लंबी भ्रमण योजना का प्रस्ताव रखा है। इसके मुख्य आकर्षण होंगे:

  1. कंबोडियन फूड रेस्टोरेंट: बोधगया में विशेष रूप से कंबोडियाई व्यंजनों का रेस्टोरेंट शुरू किया जाएगा ताकि पर्यटकों को घर जैसा स्वाद मिल सके।
  2. संयुक्त ब्रांडिंग: ‘अंकोरवाट (कंबोडिया) से बोधगया (भारत)’ थीम पर दोनों देश मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
  3. नो बिहार प्रोग्राम (Know Bihar): कंबोडियाई युवाओं और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम।
  4. फैम ट्रिप (FAM Trips): कंबोडिया के ट्रैवल एजेंटों और मीडिया को बिहार भ्रमण कराकर यहाँ की सुविधाओं से रूबरू कराया जाएगा।

कंबोडिया ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

​इस बैठक में मौजूद कंबोडिया सरकार के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने बिहार की इन पहलों की सराहना की। उन्होंने साझा ब्रांडिंग और मेगा इवेंट्स में भागीदारी के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है।

​बैठक में विशेष सचिव सह निदेशक श्री उदयन मिश्रा, संयुक्त निदेशक श्री राजेश रौशन सहित विभाग के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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