तालाब से निकली ‘इतिहास की सांस’!गया में बाउंड्री वॉल खुदाई के दौरान मिलीं दो प्राचीन काले पत्थर की मूर्तियां

ग्रामीणों की भीड़, पुरातत्व विभाग को दी जाएगी सूचना

गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत सोनबरसा गांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कच्चे तालाब से दो प्राचीन मूर्तियां बरामद हुईं। यह खोज सूर्यमणि राइस मिल के पास तालाब की बाउंड्री वॉल निर्माण के दौरान सामने आई। मजदूर जैसे ही तालाब से पानी निकालने लगे, उन्हें पानी के भीतर काले पत्थर की मूर्तियां नजर आईं।

राम–हनुमान और पांडवों का प्रतीत हो रहा स्वरूप

स्थानीय लोगों के अनुसार, एक मूर्ति में श्रीराम और हनुमान का स्वरूप दिख रहा है, जबकि दूसरी मूर्ति पांडवों के समूह जैसी प्रतीत हो रही है। दोनों ही मूर्तियां काले पत्थर की बनी हैं और वजन में काफी भारी हैं। उनकी बनावट और घिसावट देखकर ग्रामीण इन्हें बहुत प्राचीन मान रहे हैं।

पानी निकालते ही दिखीं मूर्तियां

तालाब के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान पानी निकालने के लिए मजदूर तालाब में उतरे। तभी उन्हें तल में दो काले पत्थर की आकृतियां दिखीं। पहले ठेकेदार को सूचना दी गई, फिर मजदूरों की मदद से दोनों मूर्तियों को बाहर निकाला गया।

खबर फैलते ही उमड़ी भीड़

मूर्तियों के बाहर आते ही खबर आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोग मोबाइल से फोटो–वीडियो बनाने लगे और मूर्तियों को नजदीक से देखने के लिए भीड़ जुट गई।

पुलिस मौके पर, पुरातत्व विभाग को दी जाएगी जानकारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मूर्तियों के बारे में प्रारंभिक जानकारी जुटाई। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में पुरातत्व विभाग को सूचित किया जाएगा, ताकि मूर्तियों की ऐतिहासिक जांच और संरक्षण हो सके।

ग्रामीण बोले—यह हमारे इतिहास की धरोहर

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खोज क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को उजागर करती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर रखकर वैज्ञानिक जांच कराई जाए।

अब सभी की नजरें पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हैं—क्या यह किसी प्राचीन मंदिर या सभ्यता के अवशेष हैं?

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