
- बिहार के कोर्ट्स को मिल रही धमकियों का सिलसिला जारी; अब पूर्णिया व्यवहार न्यायालय को ई-मेल के जरिए मिली चेतावनी
- सुरक्षा में कोई कोताही नहीं: बम स्क्वायड ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली; जिला एवं सत्र न्यायाधीश समेत सभी अफसरों के वाहन बाहर ही रोके गए
- जांच तेज: सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर ने कहा- हर पहलू पर है नजर; बार एसोसिएशन ने की सख्त कार्रवाई की मांग
द वॉयस ऑफ बिहार (पूर्णिया)
बिहार में न्याय के मंदिरों यानी सिविल कोर्ट्स को निशाना बनाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में अब पूर्णिया सिविल कोर्ट (Purnia Civil Court) को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। कोर्ट प्रशासन को यह धमकी एक ई-मेल (E-mail) के जरिए प्राप्त हुई, जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया।
जजों की गाड़ियां भी गेट पर रोकी गईं
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई कि बड़े अधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा गया।
- सघन तलाशी: बम स्क्वायड (Bomb Squad) और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर पूरे कोर्ट परिसर की सघन तलाशी शुरू कर दी।
- हाई अलर्ट: सुरक्षा कारणों से जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District Judge) सहित सभी न्यायिक पदाधिकारियों के वाहनों को कोर्ट परिसर के बाहर ही रोक दिया गया और पूरी तसल्ली के बाद ही सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
पुलिस और वकील संघ का बयान
मौके पर पहुंचे सदर एसडीपीओ (SDPO) ज्योति शंकर ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी देने वाले का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।
वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश तिवारी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताते हुए प्रशासन से मामले की पूरी तरह जांच करने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।


