सिल्क सिटी के विकास का ‘ब्लूप्रिंट’: भागलपुर नगर निगम का ₹619 करोड़ का बजट मंजूर; स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा दांव

भागलपुर | 28 फरवरी, 2026: भागलपुर नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी तिजोरी का ताला खोल दिया है। शनिवार को महापौर कार्यालय वेश्म में माननीया महापौर की अध्यक्षता में आयोजित ‘सशक्त स्थायी समिति’ की बैठक में शहर के भविष्य को संवारने वाले ₹619.58 करोड़ के बजट प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इस बजट में शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने के साथ-साथ सफाई और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस रखा गया है।

बजट 2026-27: एक नज़र में (आंकड़ों की जुबानी)

​नगर निगम ने इस बार आय और व्यय का एक संतुलित ढांचा तैयार किया है, जिसमें पिछले वर्ष के बचे हुए फंड (ओपनिंग बैलेंस) का बड़ा सहारा लिया गया है।

मद (Category)

आवंटित/अनुमानित राशि

कुल प्रस्तावित व्यय (Total Expenditure)

₹619,58,70,662.50

विकास कार्य (Capital Expenditure)

₹348,75,31,250

प्रशासनिक/राजस्व व्यय (Revenue Expenditure)

₹270,83,39,412.50

कुल अनुमानित प्राप्ति (Total Receipts)

₹311,87,70,625

प्रारंभिक शेष (Opening Balance)

₹307,97,10,059.40

बजट की 3 बड़ी प्राथमिकताएं

​नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह बजट केवल कागजी आंकड़ा नहीं, बल्कि शहर की सूरत बदलने का वादा है:

  1. स्वच्छता क्रांति: शहर के हर वार्ड में साफ-सफाई की आधुनिक मशीनों और कचरा प्रबंधन (Waste Management) को सुदृढ़ करने के लिए विशेष राशि का प्रावधान है।
  2. बुनियादी ढांचा (Infrastructure): सड़कों का जाल बिछाने, नालों के जीर्णोद्धार और स्ट्रीट लाइट्स के विस्तार पर कुल व्यय का आधे से अधिक हिस्सा (पूंजीगत व्यय) खर्च होगा।
  3. नागरिक सुविधाएं: पार्कों का सौंदर्यीकरण और सामुदायिक भवनों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

​इस महत्वपूर्ण बजटीय चर्चा में शहर की सरकार के प्रमुख स्तंभ शामिल रहे:

    • ​माननीया महापौर एवं उप महापौर।
    • ​सशक्त स्थायी समिति के सभी माननीय सदस्य।
    • ​नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त और सभी नगर प्रबंधक।
    • ​निगम के शाखा प्रभारी एवं मुख्य अभियंता।

VOB का नजरिया: ‘बजट’ बड़ा है, अब ‘बदलाव’ की बारी है

भागलपुर नगर निगम ने ₹619 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश कर अपनी मंशा तो साफ कर दी है, लेकिन चुनौती इसके क्रियान्वयन (Implementation) की है। सिल्क सिटी की जनता लंबे समय से जलजमाव और जाम जैसी समस्याओं से जूझ रही है। अगर विकास कार्यों के लिए आवंटित ₹348 करोड़ जमीन पर ईमानदारी से उतरते हैं, तो निश्चित ही भागलपुर की तस्वीर बदल जाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ उम्मीद करता है कि बजट का हर पैसा भ्रष्टाचार मुक्त होकर शहर के विकास में लगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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