बिहार के किसानों के लिए बंपर धमाका: जैविक खेती अपनाएं और पाएं 20 लाख तक का अनुदान; ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा लाभ

  • कृषि मंत्री राम कृपाल यादव का ऐलान: वर्मी कंपोस्ट और बायो गैस यूनिट लगाने पर मिलेगी भारी सब्सिडी
  • रसायनिक खाद से मिलेगी मुक्ति, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों की आय में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी
  • व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए सरकार दे रही है 6.40 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक की मदद

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)

​बिहार सरकार ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और खेती को जहरीले रसायनों से मुक्त करने के लिए खजाना खोल दिया है। ‘बिहार राज्य जैविक खेती मिशन’ के तहत अब सरकार वर्मी कंपोस्ट और बायो गैस यूनिट लगाने के लिए भारी-भरकम अनुदान (Subsidy) दे रही है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार (11 फरवरी) को इसका ऐलान करते हुए कहा कि जैविक खेती को एक जन-आंदोलन बनाना सरकार का लक्ष्य है।

‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा पैसा

​कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा।

  • नियम: आवेदनों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। यानी जो किसान पहले आवेदन करेंगे, उन्हें पहले अनुदान मिलेगा।

जानिए किस योजना में कितना मिलेगा अनुदान (Subsidy Details)

​सरकार ने तीन प्रमुख योजनाओं के लिए अनुदान की राशि तय की है। इसका पूरा गणित नीचे आसान भाषा में समझें:

1. पक्का वर्मी कंपोस्ट पीट इकाई (छोटे किसानों के लिए)

  • लाभ: एक किसान अधिकतम 03 यूनिट का लाभ ले सकता है।
  • लागत: प्रति पीट कुल लागत ₹10,000 तय की गई है।
  • अनुदान: लागत का 50% या अधिकतम ₹5,000 (जो भी कम हो) प्रति यूनिट मिलेगा।

2. गोबर / बायो गैस इकाई

  • लाभ: एक किसान को 01 यूनिट का लाभ मिलेगा।
  • लागत: प्रति यूनिट कुल लागत ₹42,000 है।
  • अनुदान: लागत का 50% या अधिकतम ₹21,000
  • अतिरिक्त लाभ: इसके अलावा ₹1,500 की ‘टर्न-की’ (Turn-key) सहायता भी अलग से दी जाएगी।

3. व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट इकाई (बड़े स्तर पर व्यवसाय के लिए)

अगर आप बड़े पैमाने पर खाद बनाने का बिजनेस करना चाहते हैं, तो सरकार इसमें सबसे ज्यादा मदद कर रही है:

क्षमता (मेगाटन)

कुल लागत (₹ में)

अनुदान प्रतिशत

अधिकतम अनुदान राशि (₹ में)

1000 MT

16 लाख

40%

6.40 लाख रुपये

2000 MT

32 लाख

40%

12.80 लाख रुपये

3000 MT

50 लाख

40%

20.00 लाख रुपये

लागत घटेगी, मुनाफा बढ़ेगा

​कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि रसायनिक खादों पर निर्भरता कम करने से खेती की लागत (Input Cost) घटेगी और पैदावार बढ़ेगी। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचेगी, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी आय बढ़ाएं।

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