
जमुई, बिहार: बिहार के जमुई जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खैरा प्रखंड के गम्हरिया गांव में चार मासूम बच्चियों ने सड़क पर पड़ी जहरीली सल्फास की गोली को चॉकलेट समझकर खा लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चियां गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद चारों बच्चियां घास काटने के लिए बहियार गई थीं। इसी दौरान एक पुल के पास उन्हें कागज में लिपटी सल्फास की गोली मिली। मासूम बच्चियों ने उसे खाने वाली चॉकलेट समझ लिया और आपस में बराबर-बराबर बांटकर खा लिया।
कुछ देर बाद सभी बच्चियां अपने-अपने घर लौट गईं, लेकिन शाम होते-होते उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लगातार उल्टी और बेचैनी होने पर परिजनों ने पूछताछ की, तब बच्चियों ने पूरी घटना बताई। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी को जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने एक बच्ची की हालत अत्यंत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। गंभीर रूप से बीमार बच्ची की पहचान महेश ठाकुर की 12 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी के रूप में हुई। हालांकि परिजन उसे पटना ले जाने के बजाय एक निजी क्लीनिक में ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
संजना की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं अस्पताल में भर्ती अन्य तीन बच्चियों—भारती कुमारी, लवली कुमारी और शबनम कुमारी—का इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह जहरीले पदार्थों का फेंका जाना बेहद खतरनाक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जहरीले रसायनों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था की जाए और लोगों को जागरूक किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।


