
HIGHLIGHTS
- मेगा इवेंट: मद्यनिषेध विभाग और SBI के बैनर तले ‘पटना मैराथन 2026’ का भव्य आयोजन।
- थीम: “रन फॉर नशामुक्त बिहार”—दौड़ के जरिए दिया गया स्वस्थ समाज का संदेश।
- स्टार पावर: अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दिखाई हरी झंडी।
- विदेशी दबदबा: फुल मैराथन में इथियोपिया और केन्या के धावकों ने मारी बाजी।
- पुख्ता इंतजाम: 3:30 AM से शुरू हुई दौड़; चप्पे-चप्पे पर कार्डियोलॉजिस्ट और एम्बुलेंस की तैनाती।
पटना | 15 मार्च, 2026
पटना की सुबह आज आम दिनों की तरह शांत नहीं थी। तड़के 3:30 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, तब गांधी मैदान के गेट नंबर-1 पर हजारों युवाओं का जोश उबाल मार रहा था। मौका था ‘SBI पटना मैराथन 2026’ का। “नशामुक्त बिहार” के संकल्प के साथ आयोजित इस दौड़ में 10,000 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया, जिससे पटना की सड़कें ऊर्जा और उमंग से सराबोर हो गईं।
तड़के 3:30 बजे जुम्बा और फिर ‘स्प्रिंट’: पी.वी. सिंधु बनीं आकर्षण का केंद्र
मैराथन की शुरुआत एक जबरदस्त जुम्बा सेशन के साथ हुई, जिसने कड़ाके की ठंड और सुबह की सुस्ती को काफूर कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु को देख प्रतिभागियों का उत्साह दोगुना हो गया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और मद्यनिषेध विभाग के सचिव अजय यादव ने धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गांधी मैदान से अटल पथ तक का सफर
मैराथन का रूट जेपी गंगा पथ (Marine Drive) और अटल पथ से होकर गुजरा। धावकों ने गंगा की लहरों के किनारे और अटल पथ की आधुनिक सड़क पर अपने संकल्प की दौड़ पूरी की। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने इसे किसी ‘किले’ की तरह सुरक्षित बनाया था। पीएमसीएच और आईजीआईएमएस जैसे बड़े अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया था, जबकि ट्रैक पर जगह-जगह कार्डियोलॉजिस्ट और मेडिकल कैंप मौजूद थे।
मैराथन 2026 के ‘सुपरहीरोज’ (विजेताओं की सूची)
श्रेणी | स्थान | नाम | देश/वर्ग | समय |
|---|---|---|---|---|
42.2 किमी (फुल) | प्रथम | Sadem Dese Husen | इथियोपिया | 02:22:00 |
द्वितीय | Tebeje Kineto Washe | इथियोपिया | 02:26:32 | |
तृतीय | Isaiah Ndungu Gichohi | केन्या | 02:26:36 | |
21.2 किमी (हाफ) | प्रथम | मुकेश भंभू | पुरुष (एलीट) | – |
प्रथम | तामसी सिंह | महिला वर्ग | – | |
10 किमी दौड़ | प्रथम | पंकज यादव | पुरुष वर्ग | – |
प्रथम | याशी सचान | महिला वर्ग | – |
VOB का नजरिया: क्या ‘दौड़’ से मिटेगा ‘नशा’?
पटना मैराथन का यह आयोजन केवल एक खेल स्पर्धा नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक संदेश है। 10 हजार लोगों का जुड़ना यह बताता है कि बिहार की नई पीढ़ी नशे के खिलाफ जागरूक हो रही है। इथियोपिया और केन्या जैसे अंतरराष्ट्रीय धावकों की मौजूदगी ने पटना मैराथन को वैश्विक मानचित्र पर ला खड़ा किया है। हालांकि, ‘नशामुक्त बिहार’ का सपना केवल एक दिन की दौड़ से पूरा नहीं होगा, इसके लिए इस ‘मैराथन संकल्प’ को साल के 365 दिन धरातल पर उतारने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर मेडिकल और ट्रैफिक मैनेजमेंट की मुस्तैदी काबिले तारीफ रही।

