पटना, 11 अगस्त — बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के धनौत (दानापुर) में 100 बेड क्षमता वाले आधुनिक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए क्योरमार्क हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड को ₹20 करोड़ 45 लाख 43 हजार रुपये के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति प्रदान की है।
यह परियोजना बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है, जिसके तहत योग्य निवेशकों को वित्तीय सहायता और मंजूरी दी जाती है।
मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से पटना में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं बढ़ेंगी, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को राजधानी से बाहर बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और क्षेत्र के लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा।
यह मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल अत्याधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, इमरजेंसी सेवाओं और विभिन्न विभागों (कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स आदि) से सुसज्जित होगा।
रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा
परियोजना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर कुशल और अकुशल कर्मियों के लिए सैकड़ों रोजगार अवसर भी पैदा होंगे। डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारी और सहायक सेवाओं में लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
नीति के तहत सख्त पात्रता शर्तें
श्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह स्वीकृति तभी प्रभावी रहेगी जब इकाई बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के सभी पात्रता मानकों का पालन करेगी।
- पात्रता पूरी न करने पर स्वीकृति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
- वित्तीय प्रोत्साहन का निर्धारण वास्तविक परियोजना व्यय के आधार पर होगा।
- परियोजना लागत की गणना में कम राशि को मानकर अनुदान स्वीकृत किया जाएगा।
- इकाई केवल उन्हीं मदों में प्रोत्साहन की पात्र होगी, जिनका लाभ वह पूर्व में प्राप्त नहीं कर चुकी है।
बिहार को मेडिकल हब बनाने की दिशा में कदम
उपमुख्यमंत्री ने कहा—
“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने और बिहार को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। धनौत में बनने वाला यह हॉस्पिटल इसी विज़न का हिस्सा है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह परियोजना न केवल पटना, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक बड़ी चिकित्सा राहत साबित होगी।


