IPS अधिकारी बसंत रथ को समय से पहले रिटायर किया गया, कई महीने से थे सस्पेंड; पढ़े पूरी रिपोर्ट

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी बसंत रथ को समय से पहले सेवानिवृत्ति का आदेश दिया है। 7 अगस्त की अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति को अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी रथ को “सार्वजनिक हित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त होने की आवश्यकता है…।” इससे पहले, केंद्र सरकार ने “घोर कदाचार और दुर्व्यवहार” के लिए रथ को सस्पेंड कर दिया था।

गृह मंत्रालय ने एक आदेश में क्या कहा?

गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा, “बसंत रथ को अखिल भारतीय सेवा नियम, 1958 के नियम 16(3) के तहत सार्वजनिक हित में नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ते देकर तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्ति दी जाती है।” इसमें यह भी कहा गया है कि रथ की समयपूर्व सेवानिवृत्ति के 7 अगस्त, 2023 के आदेश की एक प्रति संलग्न है। अनुरोध है कि आदेश की एक प्रति रथ को तीन महीने की अवधि के लिए उनके वेतन और भत्तों की कुल राशि के बराबर राशि के चेक के साथ दी जाए।

जुलाई 2020 में हुए थे सस्पेंड

बसंत रथ वर्ष 2000 बैच के अरुणाचल प्रदेश, गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं। 49 साल के बसंत रथ का जन्म भले ही ओडिशा में हुआ है लेकिन उन्होंने अपने काम से जम्मू- कश्मीर में अपनी साख बनाई थी। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोग मेरे लोग हैं। बसंत रथ ने बताया था कि आज मैं जो भी कुछ बन पाया हूं वह अपनी मां की वजह से ही बन पाया हूं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने उन्हें घोर कदाचार और दुर्व्यवहार के लिए जुलाई 2020 में सस्पेंड कर दिया गया था। पिछले महीने गृह मंत्रालय ने रथ का सस्पेंशन अगले 6 महीने के लिए बढ़ा दिया था।

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