योगी की एक चाल और 3 दिग्गज चारों खाने चित्त, UP में सियासी मुलाकात के मायने क्या है?

यूपी में लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी की सीटें कम होने के साथ ही ये दावा किया जा रहा है कि बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई अब पब्लिक हो गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या लखनऊ में होते हैं लेकिन बैठकों से दूर रहते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि पार्टी में आखिरकार चल क्या रहा है? इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना दल कमेरावादी की नेता और SP विधायक पल्लवी पटेल से मुलाकात की। अब जानकार इस मुलाकात के सियासी मायने निकाल रहे हैं।

राजधानी लखनऊ के सियासी गलियारों में यूं तो इस मुलाकात को सामान्य बताया जा रहा है। लेकिन टाइमिंग ऐसी है जिसे देखकर आप भी कहेंगे कि योगी ने अपने विरोधियों को पूरी तरह शांत कर दिया है। लोकसभा चुनाव की समीक्षा बैठक में संगठन और सरकार की बात कह केशव प्रसाद मौर्या ने बैठे बैठाए विपक्ष को नया मुद्दा दे दिया। इसके बाद अखिलेश यादव ने तो मौर्या को मानसून ऑफर भी दे दिया। ऐसे में अब सीएम योगी ने पल्लवी पटेल से मुलाकात की। ये वहीं पल्लवी पटेल है जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में सिराथु से केशव मौर्या को हराया था। जिस प्रकार केशव मौर्या बीजेपी के सहयोगियों के साथ मिलकर योगी को घेरने का प्लान बना रहे हैं उससे तो यही कहा जा सकता है कि सीएम योगी की पल्लवी से मुलाकात मास्टरस्ट्रोक थी।

अनुप्रिया पटेल को चिढ़ाया

पल्लवी पटेल और अनुप्रिया पटेल दोनों बहनें हैं। सियासी महत्वाकांक्षाओं की वजह से दोनों के रास्ते भी अलग-अलग हैं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद ओबीसी आरक्षण को लेकर सीएम योगी पर निशाना साधा था। वहीं नेमप्लेट विवाद के बाद भी अनुप्रिया पटेल ने योगी सरकार को खरी खोटी सुनाई थी। ऐसे में अब पल्लवी पटेल से मुलाकात कर सीएम योगी ने अनुप्रिया को भी झटका दे दिया है।

अखिलेश यादव नहीं जीत पाएंगे फूलपुर

अखिलेश यादव को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने योगी सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया। उनका कैबिनेट बैठक में नहीं जाना, सीएम योगी के विभाग को पत्र लिखकर आरक्षण की जानकारी मांगना और उसके बाद संगठन को सरकार से बड़ा बताना। ये तीन ऐसी घटनाएं रही जिसकी वजह से अखिलेश यादव योगी सरकार को निशाना बना रहे हैं।

10 सीटों पर होंगे विधानसभा के उपचुनाव

यूपी में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। लोकसभा चुनाव से पहले सपा के 6 विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने ये बदला लोकसभा चुनाव में लिया। अब बदले की बारी बीजेपी की है। सीएम योगी की पल्लवी पटेल से मुलाकात के बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी एक बार फिर फूलपुर का चुनाव जीत सकती है। फूलपुर से बीजेपी विधायक अब इसी सीट से सांसद बन गए हैं। ऐसे में बीजेपी पल्लवी पटेल की मदद से एक बार फिर इस सीट से कब्जा कर सकती है।

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