एक ऐसा शहर, जो सिर्फ एक दिन के लिए बना था भारत की राजधानी; पढ़े पूरी रिपोर्ट

मौजूदा समय में दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी के रूप में जाना जाता है या यूं कहें कि वर्तमान में हमारे देश की राजधानी दिल्ली है। लेकिन यदि आपने इतिहास के पुराने पन्नों को पलटा है तो आपको यह ज्ञात होगा कि दिल्ली हमेशा से राजधानी नहीं रही है। इतिहास के पन्ने पलटने पर पता चलता है कि बीते कालखंडों में देश की अलग-अलग राजधानियां रहीं हैं। कई शासकों ने राजधानी के अस्तित्व को अपने समय में बदला है। लेकिन आप में ज्यादातर लोग इस बात से अनभिज्ञ होंगे कि भारत में अंग्रेज शासन के दौरान एक बार एक शहर को एक दिन के लिए देश की राजधानी बनाया गया था। आप जानते हैं कि उस शहर का क्या नाम था? अगर नहीं तो कोई बात नहीं, इस आर्टिकल के जरिए आज हम इसी विषय के बारे में आपको जानकारी देंगे।

ये है वो शहर जो एक दिन के लिए बना देश की राजधानी

भारत में ब्रिटिश काल के दौरान एक शहर को एक दिन के लिए देश की राजधानी बनाया गया था। ये शहर उत्तर प्रदेश में स्थित है। मौजूदा समय में इस शहर को हम सभी प्रयागराज के नाम से जानते हैं। परंतु जिस समय इस शहर को एक दिन के लिए भारत की राजधानी बनाया गया था उस दौरान शहर को इलाहाबाद  के नाम से जाना जाता था। अंग्रेजी शासन के दौरान सन 1858 में यूपी के उस समय के इलाहाबाद को एक दिन के लिए हमरे देश की राजधानी बनाया गया था।

ऐसा क्यों 

अब आपके मन एक सवाल आ रहा होगा कि ऐसा क्यों? दरअसल, कहा जाता है कि इस दिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश राजशाही को भारत का प्रसाशन सौंपा था। उस समय का इलाहाबाद उत्तर पश्चिमी प्रांतों की राजधानी भी था। उस वक्त इलाहाबाद अंग्रेजों की सेना का बेस भी हुआ करता था, जहां उन्होंने बहुत काम भी किया था। दिल्ली से पहले देश की राजधानी कलकत्ता हुआ करती थी। जिसे सन 1911 में अंग्रेजों ने दिल्ली शिफ्ट कर दिया था।

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