पटना में चौकीदार-दफादार संघ का विधानसभा मार्च, उग्र हुए आंदोलनकारी तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

अपनी मांगो को लेकर विधानसभा मार्च पर अड़े चौकीदार-दफादार संघ और होमगार्ड अभ्यर्थियों पर पुलिस ने पटना के जेपी गोलंबर पर लाठीचार्ज कर दिया. इस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गये. लाठीचार्ज के बाद पूरे इलाके में भगदड़ की स्थिति बनी रही. इस दौरान कई आम लोगों को भी चोटें आईं।

12 सूत्री मांगों को लेकर निकाला मार्चः जानकारी के मुताबिक प्रदेश भर से बड़ी संख्या चौकीदार-दफादार के साथ-साथ होमगार्ड अभ्यर्थी और पासवान जाति के प्रदर्शनकारी पटना के करगिल चौक पर जमा हुए और बिहार विधानसभा के लिए मार्च शुरू किया. ये मार्च जैसे ही जेपी गोलबंर पर पहुंचा पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पहले हुई नोक-झोंक, फिर लाठीचार्जः आंदोलनकारी विधानसभा मार्च पर अड़े हुए थे, वहीं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने विधानसभा तक जाने की इजाजत नहीं दी और कुछ चुने हुए प्रतिनिधियों को विधानसभा तक जाने की बात कही. पहले तो प्रदर्शनकारी तैयार हो गये लेकिन अचानक कई प्रदर्शनकारी उग्र हो गये. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वहां से गुजर रहे वाहनों को भी निशाना बनाया. पुलिस ने हालात बिगड़ते देख बल प्रयोग किया और वहां से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया गया।

“चौकीदार-दफादार संघ की एक रैली थी, जिसमें कुछ अन्य लोग भी शामिल थे.वे लोग अपनी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विधानसभा मार्च पर निकले थे. जिसे रोक कर ज्ञापन सौंपने के लिए भी कहा गया और विधानसभा में सौंपने के लिए पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को भेज भी गया है.लेकिन कुछ लोग काफी उग्र थे और विधानसभा जाने की मांग कर रहे थे. इसके बाद पुलिस और इन लोगों के बीच नोक-झोंक हुई है, जिसमें कुछ लोगों को चोट आने की बात सामने आ रही है.”- कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीएसपी, लॉ एंड आर्डर

‘पासवान जाति की हो रही है अनदेखी’: इस मौके पर भीम आर्मी के नेता अमर आजाद ने कहा कि ” सरकार पासवान जाति की लगातार अनदेखी कर रही है. वहीं चौकीदार-दफादार के हक को मारा जा रहा है. उन्होंने निजी और सरकारी नौकरियो में 65% आरक्षण बहाली की भी मांग की।

“चौकीदार-दफादार के पदों पर 80 फीसदी पासवान समाज के लोगों को बहाली की जाए. पटना में बिहार के पूर्व सीएम भोला पासवान और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का स्मारक का निर्माण किया जाए. टोला सेवक एवं विकास मित्र में पासवान समाज की भी नियुक्ति की जाए. बिहार में 65% आरक्षण को पुनः बहाल किया जाए और पासवान समाज के कुल देवता बाबा चौहरमल के तीर्थ स्थल मोकामा में स्मारक का निर्माण किया जाए.इन सभी मांगों को लेकर हमलोग विधानसभा मार्च के लिए निकले थे.”-अमर आजाद, नेता भीम आर्मी

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