जीतन राम मांझी ने संभाला MSME का पदभार, गरीबों तक विकास की रौशनी पहुंचाने का लिया संकल्प

पटना/दिल्ली. ‘कर्म ही पूजा है’ इसी सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए जीतन राम मांझी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का जिम्मा संभालें हैं. उन्होंने मंगलवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का पदभार संभाला. मांझी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं कि एक ऐसा मंत्रालय उन्हें दिया गया है जो भारत में गरीबों का उत्थान करने में महत्ती भूमिका अदा करेगा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उनसे कहा है कि यह गरीबो के उत्थान करने वाला विभाग है. जहाँ विकास की रौशनी नहीं पहुंची है वहां प्रकाश फैलेगा.

मांझी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की देश में गरीबों के कल्याण में अहम भूमिका होगी. वे अपने मंत्रालय के माध्यम से इस दिशा में काम करेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार से कुल आठ लोगो को मंत्री बनाया गया है. अगले 100 दिनों की रुपरेखा पर वे काम करेंगे. इस अवसर पर जीतन राम मांझी के पुत्र और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन सहित कई अन्य पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी.

इसके पहले बिहार से मंत्री बनने वाले गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, ललन सिंह आदि ने अपना पदभार संभाला. मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में बिहार से कुल 8 मंत्री बने हैं. इसमें जीतन राम मांझी, गिरिराज सिंह, चिराग पासवान और ललन सिंह को केन्द्रीय मंत्री तथा चार अन्य को राज्य मंत्री बनाया गया है. भाजपा कोटे से 3, जदयू कोटे से दो और लोजपा (रामविलास) तथा हम से एक-एक मंत्री ने शपथ ली है.

जीतन राम मांझी ने गया संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव जीता है. हम के प्रमुख मांझी पहली बार सांसद बने हैं और उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया गया है. चार दशक से ज्यादा का सियासी अनुभव रखने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी वर्ष 1980 में पहली बार विधायक बने थे. उसके बाद वे बिहार सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का जिम्मा सँभालते रहे. साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने योगदान दिया.

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