देश की कमान मजबूत हाथों में जरूरी : एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगाह किया है कि संघर्षों, सत्ता केंद्रों में बदलाव और तेज होती प्रतिस्पर्धा के कारण इस दशक में दुनिया में बहुत अधिक उथल-पुथल होगी। ऐसे में बहुत जरूरी है कि देश की कमान मजबूत हाथों में हो।

जयशंकर ने गुरुवार देर शाम एक समाचार एजेंसी के साक्षात्कार में 2020 के दशक के अंत तक एक ऐसी दुनिया की तस्वीर चित्रित की जो हमारे आज के संसार से बिल्कुल अलग होगी। वैश्विक शक्ति संतुलन के इस आकलन में उन्होंने कूटनीति और राजनीति में अपने लगभग 50 वर्ष के अनुभव के आधार पर कुछ चिंतित करने वाले तथ्य पेश किए। जयशंकर ने कहा कि कई सारे संघर्ष, तनाव, विभाजन! इन सभी पहलुओं के साथ जो मैं आपके सामने रख रहा हूं, मैं वास्तव में, इस दशक की शेष अवधि के लिए बहुत अधिक उथल-पुथल वाले अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की तस्वीर उकेर रहा हूं। उन्होंने इस उथल-पुथल के लिए अमेरिका के घटते दबदबे, यूक्रेन में युद्ध, गाजा में संघर्ष, लाल सागर में हमले, दक्षिण चीन सागर में तनाव, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में आतंकवाद की चुनौती व नई प्रौद्योगिकियों के उद्भव को जिम्मेदार ठहराया।

साथ ही कहा कि ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि लोकसभा चुनाव में मतदाता विवेकपूर्ण तरीके से चुनाव करें ताकि भारत में एक मजबूत, स्थिर और परिपक्व नेतृत्व कायम रहे। विदेश मंत्री ने कहा कि खालिस्तान समर्थक अलगाववादी तत्वों को राजनीतिक स्थान देकर कनाडा सरकार यह संदेश दे रही है कि उसका वोट बैंक उसके कानून के शासन से अधिक शक्तिशाली है।

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