अभेद्य किले में तब्दील हुई राजधानी दिल्ली, जमीन से आसमान तक सुरक्षा, 8000 जवान तैनात

भारत आज अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कुछ ही देर में परेड शुरू होने जा रही है. इस दौरान तीनों सेनाओं के अलावा अलग-अलग राज्यों की झाकियां देखने को मिलेंगी. गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ के अलावा पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. केंद्र सरकार ने राजधानी दिल्ली में 8,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है. यही नहीं हवाई खतरे से निपटने की तैयारियां की गई हैं. सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है. इसके साथ ही बाजार-मॉल्स और पर्यटन स्थल पर भी निगरानी कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस के जवान ड्रोन के जरिए राजधानी की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं. जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

सुरक्षा के चलते जोन में बांटा गया कर्तव्य पथ

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए स्पेशल सीपी सिक्योरिटी दीपनेर पाठक ने कहा, ‘परेड समारोह स्थल यानी कर्तव्य पथ को जोन में बांटा गया है. परेड देखने के लिए देशभर से कई वीआईपी आएंगे. मेहमानों, आम जनता, विशेष मेहमानों, इन सभी को सुविधा दी जानी है और सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।’

खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर की गई सुरक्षा

दीपनेर पाठक के मुताबिक, ‘खतरे की आशंका बहुत ज्यादा है. खुफिया एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को कई तरह की सूचनाएं मिल रही हैं. सभी जानकारियों को ध्यान में रखकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.’ पाठक ने बताया कि, ‘इस साल कई नए खतरे वाले तत्व सामने आए हैं और उन सबको ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन के लिए अलग व्यवस्था की गई है।’

राजधानी में तैनात किए गए 8000 जवान

डीसीपी देवेश कुमार माहला ने बताया कि, ‘किसी भी उपद्रव को रोकने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं. टीम की बार-बार रिहर्सल और ट्रेनिंग की जा रही है. परेड के लिए लगभग 8,000 बलों को तैनात किया गया है.’ माहला ने बताया कि, ‘टेक्नोलॉजी और ह्यूमन इंटेलिजेंस सर्विलांस की मदद से सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कम्युनिकेशन के कई तरीके स्थापित किए गए हैं, जिससे अगर एक तरीका फेल भी हो जाए, तो दूसरे का इस्तेमाल किया जा सके।

पुलिस निर्देशों का पालन करें लोग

स्पेशल सीपी सिक्योरिटी ने बताया कि, ‘वीवीआईपी यानी राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, कैबिनेट मंत्री जैसे तमाम वीआईपी और संवैधानिक प्रमुख आने वाले हैं. जो एक चुनौती की तरह है. उन्होंने कहा कि पूरी तरह से सिक्योरिटी प्लान बनाकर उसे जमीन पर लागू किया गया है. उन्होंने अनुरोध किया कि लोग पुलिस के निर्देशों का पालन करें और जितना संभव हो सके सार्वजनिक परिवहन का ही इस्तेमाल करें।

  • Related Posts

    बिहार के गरीबों की छत पर अब ‘मुफ्त’ चमकेगी बिजली! PM सूर्य घर योजना में बड़ा बदलाव—स्मार्टफोन नहीं तो भी मिलेगा लाभ; जानें कैसे करें अप्लाई

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    बिहार दिवस पर गांधी मैदान में दिखेगा ‘सुरक्षा का कवच’! परिवहन विभाग का हाईटेक पवेलियन; मुफ्त नेत्र जांच, हेलमेट और सिम्युलेटर पर ड्राइविंग का मौका

    Share Add as a preferred…

    Continue reading