दो साल के बच्चे के साथ नौकरी की, फिर भी IAS बन बुशरा बानो बनी मिशाल

बुशरा बानो ने UPSC परीक्षा में सफलता ऐसी स्थितियों में पाई जो किसी भी कैंडिडेट के लिए आदर्श नहीं मानी जाती. परीक्षा प्रतियोगी सबकुछ छोड़कर दिन रात केवल परीक्षा की तैयारी में लगे रहते हैं तब भी वो सफल नहीं होते.

वहीं बुशरा बानो जैसे प्रतियोगी भी होते हैं जो शादी, घर-परिवार, बच्चा और फुल टाइम नौकरी के साथ इस परीक्षा में सफलता भी हासिल करते हैं. बुशरा बानो उन महिलाओं के लिए भी बड़ा प्रेरणास्त्रोत हैं जिन्हें लगता है कि शादी और खासकर बच्चे के बाद करियर के सभी द्वार लगभग बंद ही हो जाते हैं. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए अपने इंटरव्यू में बुशरा बानो ने ऑप्शनल विषय मैनेजमेंट की तैयारी के विषय में खुलकर बात भी की साथ ही ऑप्शनल चुनने के दौरान किन बातों का ध्यान भी रखें.

दो साल के बच्चे के साथ नौकरी की, फिर भी IAS बन बुशरा बानो बनी मिशाल

हमेशा से रही हैं मैनेजमेंट की छात्रा 

अगर बुशरा बानो के एजुकेशनल बैकग्राउंड की हम बात करें तो उन्होंने शुरू से मैनेजमेंट विषय से ही पढ़ाई की है. MBA करने के बाद बुशरा बानो ने मैनेजमेंट से ही PHD की और जिस समय UPSC परीक्षा दी उस समय वे इसी विषय से पोस्ट डॉक्टोरल भी कर रही थी. इसके साथ ही बुशरा बानो कोल इंडिया में असिस्टेंट मैनेजमेंट के पद पर काम भी कर रही थी. परीक्षा की तैयारी के दौरान बुशरा बानो ने कभी नौकरी नहीं छोड़ी और बच्चे और जॉब दोनों के साथ ही समय निकालकर पढ़ाई भी की.

दो साल के बच्चे के साथ नौकरी की, फिर भी IAS बन बुशरा बानो बनी मिशाल

बुशरा बानो का मैनेजमेंट ऑप्शनल लेने का कारण यह साफ था कि उनका इसी विषय का बैकग्राउंड है और इस विषय पर उनकी अच्छी पकड़ भी है. हालांकि मैनेजमेंट विषय का कोर्स बहुत ही लेंदी है (साथ ही स्कोरिंग भी) लेकिन बुशरा बानो ने चूंकि पहले से ही बहुत कुछ पढ़ा हुआ था इसलिए उन्हें बहुत समस्या भी नहीं हुई.

बुशरा बानो अपने अनुभव से कहती हैं कि किसी भी विषय को ऑप्शनल चुनते समय कई बातों का विशेष ध्यान भी रखना चाहिए. जैसे पहले तो ऑप्शनल अपने हिसाब से और अपनी स्ट्रेंथ के हिसाब से ही चुनें, किसी की भी कही सुनी बातों में न आएं. कौन सा विषय कठिन है, कौन सा स्कोरिंग है, किस का सिलेबस ज्यादा है या किसमें अच्छे अंक नहीं प्राप्त होते है, ऐसी बहुत सी सलाह आपको भी दी जाएगी लेकिन आप अपनी क्षमताओं, पसंद और पकड़ के हिसाब से ही अपना निर्णय भी लें.

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बुशरा बानो आगे कहती हैं कि जो इस परीक्षा में टॉप करते हैं उनके अक्सर ऑप्शनल में बहुत ही अच्छा अंक प्राप्त होते हैं. इसलिए दिमाग में हमेशा यह बात याद रखिए कि यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है और आपको लंबे समय तक पढ़ना भी है. इसलिए वही विषय चुनें जिसमें आपको रुचि हो और जिसमें आप अच्छा स्कोर भी कर सकें.

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