पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल! जानें कौन है शाहजहां शेख, जिसपर पर छापा मारना ED को महंगा पड़ गया.

पूरा वाकया पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली का है. जहां ईडी अधिकारियों की एक टीम, सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित केंद्रीय सेना के जवानों के साथ छापेमारी के लिए पहुंची थी।

पश्चिम बंगाल में बवाल मचा हुआ है… टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर छापेमारी के लिए पहुंची ईडी पर हमले में तीन अधिकारी जख्मी हो गए हैं. भाजपा का आरोप है कि, इस हमले में रोहिंग्या भी शामिल थे, लिहाजा इसकी एनआईए जांच की जानी चाहिए. बता दें कि छापेमारी के वक्त ईडी के साथ, केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात थे, जो खुद भी इस हमले का शिकार हुए हैं. ऐसे में सवाल है कि आखिर, कौन है ये टीएमसी नेता शाहजहां शेख, जिसपर ईडी अधिकारियों पर हमला कराने का गंभीर आरोप है।

गौरतलब है कि, ये पूरा वाकया पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली का है. जहां ईडी अधिकारियों की एक टीम, सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित केंद्रीय सेना के जवानों के साथ छापेमारी के लिए पहुंची थी. जब ईडी के अधिकारी ताला खोलकर तलाशी लेने की कोशिश में थे, तभी अधिकारियों पर जानलेवा हमला हो गया, जिसके बाद उन्हें फौरन मौके से रवाना होना पड़ा।

चलिए जानें कौन है शाहजहां शेख? तो दरअसल टीएमसी नेता शाहजहां शेख वर्तमान में जिला परिषद का पदाधिकारी है. इससे पहले वह नगरपालिका के चेयरमैन का पद भी संभाल चुका है. कहा जाता है कि, शाहजहां शेख का संदेशखाली में ऐसा दबदबा है कि उसके इशारे के बिना इलाके में एक पत्ता भी नहीं हिलता. दावा किया जा रहा है कि, ईडी अधिकारियों के हमले के पीछे शाहजहां शेख के ही समर्थक थे, जो सुबह सात बजे मौके पर इकट्ठा हुए थे।

जानकारों का कहना है कि, शाहजहां शेख के टीएमसी में शामिल होने के बाद से उसकी ताकत में इजाफा हुआ है. इससे पहले वो सीपीएम का समर्थक था, हालांकि साल 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद उसने माकपा छोड़ टीएमसी के साथ मिल गया।

शुभेंदु ने हमले का आरोपियों का किया खुलासा

पश्चिम बंगाल में ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने शुक्रवार को सोशल साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जिन चरमपंथियों ने आज संदेशखाली में ईडी अधिकारियों, सीआरपीएफ जवानों और पत्रकारों पर कायरतापूर्ण हमला किया और अंजाम दिया; शेख आलमगीर; शेख शाहजहां का सबसे छोटा भाई, जियाउद्दीन; प्रसिद्ध हथियार तस्कर, हत्यारा और वर्तमान में सरबेरिया-अगरहाटी ग्राम पंचायत प्रधान, शेख सिराजुद्दीन; शेख शाहजहाँ का भाई।

इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि, ममता बनर्जी के आश्वासन और प्रोत्साहन के कारण, शेख शाहजहां जैसे अपराधियों ने रोहिंग्याओं को अपने गुर्गे के रूप में काम करने और आतंक का शासन स्थापित करने के लिए इकट्ठा किया है।

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