जम्मू कश्मीर: 10 पूर्व आतंकी गिरफ्तार, JKLF और हुर्रियत को दोबारा जिंदा करने की हो रही साजिश

घाटी में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इस बीच 10 जुलाई को एक बड़ी कार्रवाई के तहत 10 पूर्व आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ और हुर्रियत को पुनर्जीवित करने की साजिश से जुड़े मामले में ये गिरफ्तारी की हैं। पुलिस स्टेशन कोठीबाग में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

पाकिस्तान से मिले निर्देशों का करते थे पालन

गिरफ्तार किए गए लोग बाकियों के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देशन में इन संगठनों को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे थे। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे विदेश में स्थित संस्थाओं के संपर्क में थे, और उनमें से कुछ कई समूहों के सदस्य थे जो फारूक सिद्दीकी और जेकेएलएफ के राजा मुजफ्फर की अध्यक्षता वाले कश्मीर ग्लोबल काउंसिल जैसे अलगाववाद का प्रचार करते थे।

सोमवार को भी सामने आई थी चौंकाने वाली बात

सोमवार को भी ये खबर सामने आई थी कि श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के कुछ पूर्व आतंकवादी और पूर्व अलगाववादी गुपचुप बैठक कर रहे थे, जिनको पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा लिया, जिसके बाद हैरान करने वाला खुलासा हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को श्रीनगर के एक होटल से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें जेकेएलएफ के पूर्व आतंकवादी और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के पूर्व अलगाववादी शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, श्रीनगर के एक होटल में जेकेएलएफ के कुछ पूर्व आतंकवादियों और पूर्व अलगाववादियों की बैठक के बारे में खुफिया इनपुट के आधार पर तलाशी ली गई, जिसके बाद सत्यापन के लिए कोठीबाग थाने लाया गया। जहां पूछताछ शुरू हुई। पहली नजर में यह सामने आया है कि वे जेकेएलएफ और हुर्रियत को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे थे।

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