इस राज्य में भारी बारिश के कारण हुए हादसों में आठ की मौत, 7800 से ज्यादा लोग हुए बेघर

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण हुई भारी बारिश से संबंधित घटनाओं में आठ लोगों की जान चली गई है जबकि 7800 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। बारिश की तीव्रता शुक्रवार को कम हो गई, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया, जबकि केरल के छह अन्य जिलों में आज के लिए ‘येलो’ अलर्ट था।

203 राहत शिविरों में लोगों को रखा गया

मगर ‘रेड अलर्ट’ जारी नहीं किया गया है, जिससे संकेत मिलता है बारिश में कमी हो सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने कहा कि कन्नूर और कोझिकोड में दो-दो मौतें हुईं, जबकि अलाप्पुझा, पलक्कड़, मलप्पुरम और कासरगोड जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान गई है। इसमें कहा गया है कि राज्य भर में खोले गए 203 राहत शिविरों में 7,844 लोगों को रखा गया है।

पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए 51 मकान

उसने यह भी बताया है कि भारी बारिश की वजह से राज्य भर में 51 मकान पूरी तरह से और 1,023 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे पहले दिन में, मुन्नार में कोच्चि-धनुषकोडी राष्ट्रीय राजमार्ग के गैप रोड खंड पर मामूली भूस्खलन से यातायात अवरुद्ध हो गया।

इडुक्की जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रास्ते से जल्दी ही मलबा हटा दिया जाएगा, लेकिन यह आज रात बंद रहेगा। त्रिशूर जिला प्रशासन ने बताया कि पेरिंगलकुथु बांध के दरवाजे आज खोले जाएंगे जिससे चलक्कुडी नदी का जल स्तर बढ़ सकता है इसलिए नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

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