अगले साल जनवरी में 40 रुपये से नीचे जाएगी प्याज की कीमत; सरकार ने निर्यात पर लगाया रोक

प्याज की आसमान छूती कीमतों को थामने के लिए पिछले महीने सरकार ने प्याज के निर्यात पर मार्च, 2024 तक के लिए रोक लगा दी थी. तब तक प्याज का भाव 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका था. एक्सपोर्ट बंद होने के बाद कुछ राहत मिली और प्याज का रेट 60 रुपये के नजदीक आ चुका है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल जनवरी में प्याज 40 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिकने लगेगा.

निर्यात प्रतिबंध से खरीदारों को राहत पहुंची

उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने उम्मीद जताई कि खरीदारों को निर्यात बैन से राहत पहुंची है. उन्होंने बताया कि जनवरी, 2024 से प्याज और नीचे आकर लगभग 40 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध होगा. फिलहाल उसका औसत दाम 57 रुपये प्रति किग्रा है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द प्याज के रेट और नीचे आएंगे. लोग कहने लगे थे कि प्याज 100 रुपये को टच करेगा. मगर, हमने उपभोक्ताओं के हित में एक्सपोर्ट बैन सहित कई फैसले लिए, जिनका असर अब दिखाई दे रहा है.

किसानों पर नहीं पड़ेगा बैन का असर 

उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट बैन से किसानों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. प्याज की बढ़ती हुई कीमतों का फायदा चंद व्यापारियों को ही पहुंच रहा था, जो कि भारत और बांग्लादेश के बाजारों में कीमतों के अंतर का फायदा लेने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, इससे उपभोक्ताओं को बहुत फायदा होगा.

बांग्लादेश, मलेशिया और यूएई जा रहा था प्याज 

जुलाई से नवंबर तक प्याज में महंगाई लगभग दोगुनी हो चुकी थी. अप्रैल से अगस्त के दौरान देश से करीब 9.75 लाख टन प्याज का एक्सपोर्ट किया गया. भारत से सबसे ज्यादा प्याज बांग्लादेश, मलेशिया और यूएई को भेजा गया. प्याज बुवाई में कमी की रिपोर्टों के चलते कीमतों में एकदम से उछाल आया था.

25 रुपये किलो बेचा था सरकार ने प्याज 

प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले सरकार ने अक्टूबर में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अतिरिक्त स्टॉक को बाजार में 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचना शुरू कर दिया था. प्याज के रेट को कंट्रोल में रखने के लिए सरकार ने मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) को भी 800 डॉलर प्रति टन कर दिया था.

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