भाजपा सांसद ने संसद में बोला- लव मैरिज में माता-पिता की सहमति अनिवार्य हो, लिव-इन रिलेशनशिप एक बीमारी

भारत में बीते लंबे समय से लव मैरिज और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बहस होती रहती है। कई लोग इसे कानूनन सही बताते हैं तो वहीं, कई लोग इसे भारत की सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ। हालांकि, अब लव मैरिज और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर देश की संसद में भी बहस शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में लव मैरिज और लिव-इन रिलेशनशिप पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की मांग कर दी है। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला।

लिव-इन रिलेशनशिप एक बीमारी- धर्मवीर सिंह

भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने लोकसभा में कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप एक बीमारी है और इसे रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना चाहिए। सांसद ने लव मैरिज में भी माता-पिता की सहमति को अनिवार्य बनाने की मांग की है। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि अगर इन सब पर रोक नहीं लगाई गई और ऐसा ही चलता रहा तो हमें जिस सभ्यता और संस्कृति के लिए जाना जाता है वह एक दिन समाप्त हो जाएगी।

क्या बोले धर्मबीर सिंह?

भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने संसद में ये भी दलील दी कि लव मैरिज में तलाक की दर अधिक है, इसलिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया हमें जिसकी सभ्यता और संस्कृति के लिए जानती है, अगर यही हाल रहा तो हमारी संस्कृति बांध तोड़ देगी और उनके (पश्चिम) और हमारे में कोई फर्क नहीं रहेगा।

जानें धर्मबीर सिंह के बारे में

चौधरी धर्मबीर सिंह हरियाणा के भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार दो बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीते हैं। धर्मबीर सिंह ने 1987 में लोकदल पार्टी के टिकट पर तोशाम सीट से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल को हराया था। वह तब पहली बार विधायक बने थे। हालांकि, उनकी इस जीत ने पूरे हरियाणा में उनको चर्चा में ला दिया था। इसके बाद वह कई बार कांग्रेस से विधायक बने और 2014 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता। धर्मबीर सिंह को ज्यादातर केसरिया रंग के कपड़ों में ही देखा जाता है।

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