खरना प्रसाद के साथ 36 घंटो का उपवास शुरू, आज अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य

लोक आस्था के महापर्व छठ का उत्साह खरना के साथ उत्कर्ष पर पहुंच गया। बिहार में घर-घर में छठ के गीत गूंज रहे हैं और शक्ति के प्रमुख स्त्रत्तेत भुवन भास्कर के प्रति श्रद्धा तथा भक्ति-भाव से पूजन-अर्चन की तैयारी में हर आम-औ-खास जुटे हैं। जानकारी के मुताबिक, बिहार में तकरीबन 2.97 करोड़ परिवारों में से 80 लाख से अधिक परिवारों में छठ महापर्व मनाया जा रहा है। भागलपुर में सौ से अधिक घाटों पर अर्घ्य दिये जाएंगे।

 

आलम यह है कि एक-एक परिवार में चार-पांच तक व्रती हैं, जो जलाशयों में कर जोर समभाव से रविवार को अस्ताचलगामी तथा सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे। राज्य के तमाम नदी, नहर, झील, तालाब, पोखर, सरोवरों के अलावा घरों की छतों पर सूर्यदेव को अर्घ्य देने की तैयारी है। शनिवार शाम खरना के साथ ही सभी छठव्रती नेम-निष्ठा के इस महापर्व की कठिन साधना में जुट गये। परिवार की महत्ता के साथ सामाजिक सद्भाव, प्रकृति के प्रति निष्ठा का संदेश देते इस महापर्व में खेत-खलिहान, नदी-पोखर, पास-पड़ोस सभी की सहभागिता होगी।

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